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जूता कारोबारी से अरबपति बने गुप्ता बंधुओं को इसलिए तलाश रहा दक्षिण अफ्रीका

गुप्ता बंधुओं पर आरोप है कि उन्होंने राष्ट्रीय बिजली आपूर्तिकर्ता एस्कॉम सहित पैरास्टेटल कंपनियों में हेराफेरी की, जो अब गंभीर रूप से नकदी-संकट में बदल गई है। इस कारण देश भर में बार-बार लोड शेडिंग होती है।

इंटरपोल ने भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे भारत स्थित उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी अतुल और राजेश गुप्ता के खिलाफ सोमवार को रेड नोटिस जारी किया है। दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने करीब सात महीने पहले इसके लिए अनुरोध किया था। हालांकि उनकी पत्नियों आरती और चेताली गुप्ता के खिलाफ रेड नोटिस जारी नहीं किया गया है। गुप्ता परिवार पर आरोप है कि उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा से अपनी कथित करीबी का फायदा उठाते हुए सरकारी निगमों में अरबों की हेराफेरी की।

कथित जालसाजी की यह कहानी 1990 के दशक में शुरू होती है। उस वक्त नेल्सन मंडेला की रिहाई के साथ दक्षिण अफ्रीका में लोकतंत्र का नया दौर शुरू हुआ। इसी दौरान गुप्ता परिवार सहारनपुर से दक्षिण अफ्रीका पहुंचा था। वहां एक जूता स्टोर शुरू करने के बाद उन्होंने राजनीतिक दलों के बीच अपनी पहुंच बनाई। इसका फायदा उठाकर सूचना तकनीक, खनन और मीडिया के क्षेत्र में अपना विशाल साम्राज्य कायम कर लिया था। लेकिन पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा के खिलाफ शुरू हुई जांच के दौरान गुप्ता बंधुओं के भी तमाम कथित घोटाले सामने आने लगे। इसके बाद उन्हें दक्षिण अफ्रीका से फरार होना पड़ा था।

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