UN महासचिव के 'विशेष' दूत नियुक्त बने भारतीय राजनयिक अमनदीप गिल

अमनदीप सिंह गिल वर्तमान में जिनेवा में स्थित ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एंड डेवलपमेंट स्टडीज (GIIDS) के इंटरनेशनल डिजिटल हेल्थ एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च कोलैबोरेटिव (IDAIRC) प्रोजेक्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं।

UN महासचिव के 'विशेष' दूत नियुक्त बने भारतीय राजनयिक अमनदीप गिल

संयुक्त राष्ट्र (UN) महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने वरिष्ठ भारतीय राजनयिक अमनदीप सिंह गिल को प्रौद्योगिकी (टेक्नोलॉजी) को लेकर अपना दूत नियुक्त किया है। संयुक्त राष्ट्र ने गिल को डिजिटल प्रौद्योगिकी को लेकर एक विचारशील नेता बताया है। यूएन का कहना है कि वह सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जिम्मेदारीपूर्वक और समावेशी तरीके से डिजिटल बदलाव का फायदा उठाने की ठोस समझ रखते हैं।

यह घोषणा हाल ही में की गई है। अमनदीप सिंह गिल वर्तमान में जिनेवा में स्थित ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एंड डेवलपमेंट स्टडीज (GIIDS) के इंटरनेशनल डिजिटल हेल्थ एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रिसर्च कोलैबोरेटिव (IDAIRC) प्रोजेक्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं। इससे पहले साल 2016 से 2018 तक जिनेवा में निरस्त्रीकरण सम्मेलन में वह भारत के राजदूत और स्थाई प्रतिनिधि की भूमिका भी निभा चुके हैं।

वह डिजिटल सहयोग (2018-2019) पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव की उच्च स्तरीय समिति के कार्यकारी निदेशक और सह प्रमुख की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। साल 1992 में भारतीय विदेश सेवा (IFS) में शामिल होने वाले अमनदीप सिंह गिल प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में विजिटिंग स्कॉलर भी रहे हैं।

तेहरान और कोलंबो में तैनाती के दौरान उन्होंने निरस्त्रीकरण, रणनीतिक प्रौद्योगिकियों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई अहम पदों पर काम किया है। उन्होंने लंदन के किंग्स कॉलेज से न्यूक्लियर लर्निंग इन मल्टीलेटरल फोरम्स में पीएचडी की है। नई भूमिका में वह मारिया फ्रैंसेस्का स्पैटोलिसानो की जगह लेंगे। मारिया पॉलिसी कोऑर्डिनेशन एंड इंटर-एजेंसी अफेयर्स के लिए सहायक महासचिव हैं और टेक्नोलॉजी पर कार्यवाहक दूत के तौर पर काम कर रही थीं।