नवनियुक्त बिशप फर्नांडिस ने क्यों कहा-भारतीयों के पास है यह 'विशिष्ट मुस्कान'

बिशप बनने के बाद नेशनल कैथोलिक रजिस्टर से एक इंटरव्यू में फादर फर्नांडिस ने कहा था कि आज पवित्र होने के लिए आपको रचनात्मक होना होगा। उन्हें 31 मई को आधिकारिक तौर पर अमेरिकी रोमन कैथोलिक धर्मप्रांत का प्रमुख बनाया गया।

नवनियुक्त बिशप फर्नांडिस ने क्यों कहा-भारतीयों के पास है यह 'विशिष्ट मुस्कान'

कोलंबस के पहले नवनियुक्त भारतीय-अमेरिकी बिशप फादर अर्ल के फर्नांडिस अपने भारतीय मूल में एक खासियत देखते हैं और इसका जिक्र उन्होंने अमेरिकन रोमन कैथोलिक के मुखिया बनने के बाद बड़े ही सहज भाव से किया। जब नेशनल कैथोलिक रजिस्टर ने उनसे उनकी मुस्कान के बारे में पूछा और जानना चाहा कि क्या उन्हें जीवन भर यह खुशी मिली तो बिशप फर्नांडिस का कहा- मैं ऐसा कहूंगा। यदि आप भारतीय लोगों से मिलेंगे, तो हमारे पास यह विशिष्ट मुस्कान है। लेकिन यह जानकर भी खुशी होती है कि ईश्वर मुझसे प्रेम करते हैं।

फादर फर्नांडिस को 31 मई को आधिकारिक तौर पर अमेरिकी रोमन कैथोलिक धर्मप्रांत का प्रमुख बनाया गया।

इसी तरह बिशप बनने के बाद नेशनल कैथोलिक रजिस्टर से एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि आज पवित्र होने के लिए आपको रचनात्मक होना होगा। फादर फर्नांडिस को 31 मई को आधिकारिक तौर पर अमेरिकी रोमन कैथोलिक धर्मप्रांत का प्रमुख बनाया गया। वेटिकन ने घोषणा की थी कि पोप फ्रांसिस ने कोलंबस, ओहियो धर्मप्रांत के अगले बिशप के रूप मे चुना है।

जब आर्कबिशप क्रिस्टोफ़ पियरे ने उन्हें 2 मार्च को बुलाया था तो वह एक अलग ही अहसास से गुजर रहे थे। फादर फर्नांडिस ने बताया कि मेरे अंदर उथल-पुथल मची थी। तब मैं अपनी कुर्सी पर घूमा और माता-पिता के साथ अपनी तस्वीर को देखा और। मैं फिर घूमा और क्रूस को देखते हुए कहा- ठीक है, मैं स्वीकार करता हूं। हालांकि उन्होंने अपनी इस पद भूमिका से तब तक किसी को अवगत नहीं कराया जब तक कि वेटिकन की ओर से औपचारिक घोषणा नहीं की गई। यह घोषणा एक महीने बाद हुई।

कोलंबस धर्मप्रांत की आबादी 270, 000 से अधिक है। सिनसिनाटी के 49 वर्षीय बिशप फादर अर्ल के फर्नांडिस ओहियो के टोलेडो में पैदा हुए नया मुखिया बनने के बाद उन्होंने नस्लीय भेदभाव से जुड़े अपने अनुभव जनता से साझा किए। इसके साथ ही उन्होंने अपनी नई भूमिका और अपनी विचारधारा से भी लोगों को अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोप चाहते हैं चर्च लोगों के साथ चले और मैं भी इसी विचारधारा में विश्वास करता हूं।