भारतीय नागरिकों को सबसे अधिक मिला एच-1बी वीजा, चीन दूसरे नंबर पर

भारत के बाद एच-1बी वीजा प्राप्त करने वाले केवल देशों में चीन दूसरे नंबर पर है। वित्त वर्ष 2021 में चीन में जन्मे 50,328 व्यक्तियों को ही एच-1बी दिया गया। यह कुल एच-1बी स्वीकृत ​वीजा का 12.4% है। भारत से एच-1बी आवेदनों की सबसे अधिक संख्या कंप्यूटर से संबंधित व्यवसायों के श्रमिकों की रही।

भारतीय नागरिकों को सबसे अधिक मिला एच-1बी वीजा, चीन दूसरे नंबर पर
Photo by Maarten van den Heuvel / Unsplash

यूएस डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी द्वारा जारी एक हालिया रिपोर्ट से पता चलता है कि भारत के नागरिकों को वित्त वर्ष 2021 के दौरान आवंटित एच-1 बी वीजा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हासिल हुआ है। वित्त वर्ष 2021 के दौरान भारतीयों को कुल स्वीकृत वीजा का 74 फीसदी हिस्सा मिला है। चौंकाने वाली बात यह भी है कि लगातार दो वित्त वर्षों से 70 फीसदी से अधिक स्वीकृत वीजा भारतीयों को ही आंवटित हो रहा है।

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स्वीकृत याचिकाओं में से 33.7 फीसदी स्नातक की डिग्री वाले श्रमिक थे। Photo by Josue Isai Ramos Figueroa / Unsplash

हालांकि वित्त वर्ष 2021 के दौरान यूएस सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने 4.07 लाख एच-1बी आवेदनों को मंजूरी दी, जो पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ा कम है। ​2020 वित्त वर्ष में 4.26 लाख को एच-1बी वीजा दिया गया था। 2021 में स्वीकृत एच-1बी आवेदनों में से 74.1% भारत से थे जबकि 2020 में 74.9% थे।

भारत के बाद एच-1बी वीजा प्राप्त करने वाले केवल देशों में चीन दूसरे नंबर पर है। वित्त वर्ष 2021 में चीन में जन्मे 50,328 व्यक्तियों को ही एच-1बी दिया गया। यह कुल एच-1बी स्वीकृत ​वीजा का 12.4% है। इसी तरह पिछले वर्ष यानी 2020 में 51,597 चीनी नागरिकों को ही एच-1बी वीजा दिया गया जो 12.1 फीसदी था।

हमेशा की तरह वित्त वर्ष 2021 के दौरान स्वीकृत किए गए एच-1बी आवेदनों की सबसे अधिक संख्या कंप्यूटर से संबंधित व्यवसायों के श्रमिकों की रही। इस क्षेत्र में 2.80 लाख को एच-1बी वीजा दिया गया जो कुल स्वीकृत आवेदनों का 68.8 फीसदी है। वित्त वर्ष 2021 में स्वीकृत एच-1बी पाने वाले 56.6 फीसदी लाभार्थियों की उच्चतम शैक्षिक उपलब्धि मास्टर डिग्री थी।

इसके अलावा स्वीकृत याचिकाओं में से 33.7 फीसदी स्नातक की डिग्री वाले श्रमिक थे। वहीं 6.8 फीसदी के पास डॉक्टरेट थी और 2.9 फीसदी के पास पेशेवर डिग्री थी। 33 वर्ष की कुल औसत आयु के साथ एच-1 बी वीजा प्राप्त करने वालों में औसत वेतन 108,000 डॉलर यानी लगभग 85 लाख रुपये था जो वित्त वर्ष 2020 की तुलना में 6.9 फीसदी अधिक रहा।