अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए चीन ने भेजे 8% कम छात्र, भारत से 12% ज्यादा

इस रिपोर्ट में सामने आया है कि कोरोना के प्रभाव के चलते अमेरिका में विदेशी छात्रों की संख्या में 1.18% यानी 14,821 की कमी आई है। रिपोर्ट के अनुसार 2021 में चीन 3,48,992 छात्रों के साथ अमेरिका भेजे जाने वाले देशों की सूची में शीर्ष पर है जबकि भारत 2,32,851 छात्रों के साथ दूसरे स्थान पर है।

अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए चीन ने भेजे 8% कम छात्र, भारत से 12% ज्यादा
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अमेरिका के इमिग्रेशन एंड कस्टम इन्फोर्समेंट (ICE) की ताजी रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में चीन और भारत के छात्रों की संख्या ने एशिया को सबसे लोकप्रिय महाद्वीप बना दिया है। हालांकि साल 2021 में अमेरिका में प्रवेश को लेकर भारतीय छात्रों की संख्या में तो 12 फीसदी की वृद्धि हुई है लेकिन चीन के छात्रों की संख्या में 8 फीसदी की गिरावट देखने को​ मिली है।

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ICE की इस रिपोर्ट में यह सभी सामने आया है कि कोरोना के प्रभाव के चलते अमेरिका में विदेशी छात्रों की संख्या में 1.18 फीसदी की कमी आई है। Photo by Antor Paul / Unsplash

ICE की विदेशी छात्रों पर आधारित स्टूडेंट एंड विजिटर प्रोग्राम (SEVP) की साल 2021 ​की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने साल 2020 की तुलना में साल 2021 में कम छात्रों को अमेरिका भेजा। साल 2021 में कुल 33,569 चीनी छात्रों की कमी देखी गई जबकि भारत ने साल 2021 में 25,391 अधिक छात्र अमेरिका भेजे। मजेदार बात यह है कि भारतीय छात्रों में 37 फीसदी महिला छात्र थीं।

इस रिपोर्ट में यह सभी सामने आया है कि कोरोना के प्रभाव के चलते अमेरिका में विदेशी छात्रों की संख्या में 1.18 फीसदी यानी 14,821 की कमी आई है। इसके अलावा साल 2021 में F-1 और M-1 छात्रों की कुल संख्या 12,36,748 देखने को मिली जो साल 2020 की तुलना में 1.2 फीसदी कम है। F-1 और M-1 दो गैर आप्रवासी छात्र वीजा हैं। वहीं J-1 भी एक गैर-आप्रवासी छात्र वीजा है लेकिन यह वीजा ज्यादातर स्कॉलर्स को दिया जाता है।

रिपोर्ट के अनुसार 2021 में चीन 3,48,992 छात्रों के साथ अमेरिका भेजे जाने वाले देशों की सूची में शीर्ष पर है जबकि भारत 2,32,851 छात्रों के साथ दूसरे स्थान पर है। चीन और भारत के बाद दक्षिण कोरिया से सबसे अधिक 58,787 छात्र अमेरिका पढ़ने आए। इसके बाद कनाडा से 37,453 छात्र, ब्राजील से 33,552 छात्र, वियतनाम से 29,597 छात्र, सऊदी अरब से 28,600 छात्र, ताइवान से 25,406, जापान से 20,144 और मैक्सिको से 19,680 कुछ छात्र आए।

रिपोर्ट के अनुसार केवल एशिया और ऑस्ट्रेलिया प्रशांत द्वीपों से आने वाले छात्रों में ही गिरावट देखी गई जबकि अन्य सभी महाद्वीपों में वृद्धि देखी गई। F-1 और M-1 छात्र अंटार्कटिका के अलावा दुनिया के हर महाद्वीप और 224 से अधिक देशों से आए। अकेले चीन और भारत से आने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की कुल संख्या कुल आबादी की 71.9 फीसदी है।

वहीं बात की जाए कि ये छात्र अमेरिका के किस राज्य या शहर में गए तो साल 2021 में कैलिफोर्निया ने सबसे अधिक 2,08,257 अंतरराष्ट्रीय छात्रों की मेजबानी की जो कुल अंतरराष्ट्रीय छात्रों का 16.8 फीसदी है। जानकारी के लिए आपको बता दें कि अधिकांश F-1 और M-1 छात्र उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका आते हैं। साल 2021 में F-1 और M-1 छात्रों में से लगभग 92 फीसदी ने SEVP के प्रमाणित कॉलेजों व स्कूलों में स्नातक, मास्टर या डॉक्टरेट के लिए नामांकन किया था। उच्च शिक्षा में अंतररष्ट्रीय छात्रों ने 11,42,352 डिग्री हासिल कीं जो कि साल 2020 की तुलना में अधिक थी। साल 2020 में कुल 11,21,981 डिग्री अंतरराष्ट्रीय छात्रों को दी गईं।