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दो साल हो चुके आवेदन किए, कुछ भारतीय छात्रों को अभी तक नहीं मिला ऑस्ट्रेलिया का वीजा

एक भारतीय ट्विटर यूजर ने ट्वीट किया कि जिन भारतीय छात्रों ने ऑस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालयों से पीएचडी स्कॉलरशिप प्राप्त की थी अगर वह जल्द ही ऑस्ट्रेलिया नहीं पहुंचे तो उनके स्कॉलरशिप को खो देने का खतरा है।

ऑस्ट्रेलिया ने विदेशी छात्रों के लिए अपनी सीमाओं को पिछले साल दिसंबर में ही फिर से खोल दिया था। लेकिन स्टूडेंट वीजा आवेदनों का निपटारा करने में हो रही देरी बड़ी समस्या बनी हुई है। बड़ी संख्या में ऑस्ट्रेलिया पढ़ाई करने जाने वाले कई भारतीय छात्रों को भी इस देरी के चलते भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

वीजा के लिए आवेदन किए हुए काफी समय बीत जाने के बाद भी अनुमति नहीं मिलने पर कुछ छात्रों ने यह मुद्दा सोशल मीडिया पर उठाया है। छात्रों का आरोप है कि उनके वीजा आवेदन में महीनों से लेकर वर्षों तक की देरी हो रही है। इस तरह के ट्वीट करने वाले छात्रों में भारत के साथ-साथ ईरान के छात्र भी शामिल हैं।

वीजा का इंतजार कर रहे कुछ छात्र तो ऐसे हैं जिन्होंने इसके लिए लगभग दो साल पहले आवेदन किया था।

एक भारतीय ट्विटर यूजर ने ट्वीट किया कि जिन भारतीय छात्रों ने ऑस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालयों से पीएचडी स्कॉलरशिप प्राप्त की थी अगर वह जल्द ही ऑस्ट्रेलिया नहीं पहुंचे तो उनके स्कॉलरशिप को खो देने का खतरा है। वीजा का इंतजार कर रहे कुछ छात्र तो ऐसे हैं जिन्होंने इसके लिए लगभग दो साल पहले आवेदन किया था।

वहीं, एक छात्रा ने दावा किया है कि वह अपने स्टूडेंट वीजा के लिए 15 महीने से इंतजार कर रही है। उसने कहा कि अगर 30 मई से पहले मैं वहां नहीं पहुंची तो मैं अपनी स्कॉलरशिप और यूनिवर्सिटी में जगह खो दूंगी। छात्र ऑस्ट्रेलिया के अधिकारियों से इस संबंध में तत्काल प्रभाव से मदद करने की गुहार लगा रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया की मैक्वायरी यूनिवर्सिटी के एक भारतीय छात्र का कहना है कि मैंने 14 जून 2021 को स्टूडेंट सबक्लास 500 वीजा के लिए आवेदन किया था। मैं अभी तक अपने वीजा की राह देख रहा हूं। पिछले 13 महीने से मुझे अपने वीजा को लेकर कोई भी अपडेट नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि ऐसी समस्या से पीड़ित कई छात्र यहां हैं।

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