कनाडा में अज्ञात हत्यारे ने युवा कार्तिक की छीन ली जिंदगी, सदमे में परिवार

टोरंटो पुलिस के मुताबिक कार्तिक वासुदेव को सेंट जेम्स टाउन में शेन बोर्न टीटीसी मेट्रो स्टेशन के ग्लेन रोड प्रवेश द्वार पर गुरुवार शाम गोली मारी गई थी। मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद वासुदेव को अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसने दम तोड़ दिया। वह भारत के गाजियाबाद शहर का रहने वाला था।

कनाडा में अज्ञात हत्यारे ने युवा कार्तिक की छीन ली जिंदगी, सदमे में परिवार

अभी तीन महीने पहले ही 21 साल का युवक कार्तिक वासुदेव उच्च शिक्षा हासिल करने और डिजिटल मार्केटिंग में काम करने के अपने सपने को पूरा करने के लिए कनाडा गए थे। लेकिन शायद नियति को कुछ और ही मंजूर था। गुरुवार को काम पर जाने के दौरान कनाडा में एक मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार पर एक अज्ञात शख्स ने कार्तिक की गोली मारकर हत्या कर दी। इस खबर से भारत के गाजियाबाद शहर में राजेंद्र नगर सेक्टर 5 के केशव कुंज में रहने वाले कार्तिक के परिवार पर तो गम का पहाड़ ही टूट पड़ा है।

टोरंटो पुलिस के मुताबिक कार्तिक वासुदेव को सेंट जेम्स टाउन में शेन बोर्न टीटीसी मेट्रो स्टेशन के ग्लेन रोड प्रवेश द्वार पर गुरुवार शाम गोली मारी गई थी।

टोरंटो पुलिस के मुताबिक कार्तिक वासुदेव को सेंट जेम्स टाउन में शेन बोर्न टीटीसी मेट्रो स्टेशन के ग्लेन रोड प्रवेश द्वार पर गुरुवार शाम गोली मारी गई थी। मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद वासुदेव को अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसने दम तोड़ दिया। टोरंटो पुलिस मामले की जांच कर रही है। कार्तिक के दोस्त ने परिवार को बताया कि कॉलेज से पढ़ाई करने के बाद वह सीधा फ्लैट पर पहुंचता, फिर दोपहर बाद नौकरी करने रेस्त्रां जाता था। गुरुवार को जब वह काम करके सब-वे के जरिये मेट्रो स्टेशन पहुंचा तो वहां अचानक एक बदमाश ने कार्तिक पर गोली चला दी।

नोएडा स्थित एक आईटी कंपनी में इंजीनियर पिता जितेश वासुदेव का कहना है कि बेटा कार्तिक 4 जनवरी को कनाडा के टोरंटो में सैनेका विश्वविद्यालय से ग्लोबल मार्केटिंग की पढ़ाई करने गया था। वह एक रेस्त्रां में पार्ट टाइम नौकरी भी कर रहा था। इस खबर से छोटा भाई पार्थ वासुदेव (14) और मां पूजा गहरे सदमे में हैं। मां को समझ नहीं आ रहा है कि कैसे उनके बच्चे ने कनाडा की अपनी यात्रा की योजना बनाई थी। 10 वीं कक्षा को पास करने के बाद से अपनी योजना पर वह शोध कर रहा था। लेकिन एक हत्यारे ने उनके बेटे की जिंदगी और उसके सपने को छीन लिया।

मां पूजा का कहना है कि उसके (कार्तिक) बहुत सारे सपने थे और वह कहता था कि वह सभी सपनों को पूरा करने के लिए कनाडा जा रहा है। पिता जितेश ने बताया कि उसने 10वीं और 12वीं कक्षा में और यहां तक कि दिल्ली से ग्रेजुएशन के दौरान भी बहुत अच्छे अंक हासिल किए थे। उन्होंने कहा कि कार्तिक के सपनों को पूरा करने के जुनून के कारण हमने उसका भरपूर साथ दिया था।

उनका कहना है कि कार्तिक को कभी किसी से कोई परेशानी नहीं हुई और न ही उसने कनाडा में किसी परेशानी की बात कभी बताई। वह एक प्यारा बच्चा था। पिता ने बताया कि उन्होंने भारतीय दूतावास की मदद से कार्तिक के शव को घर लाने की गुहार लगाई थी। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी ट्वीट कर हर तरह की सहायता देने की बात कही है। कार्तिक का शव जल्द भेजा जा रहा है।