सैन्य शक्तियों के लिए खेल का मैदान बन गया है यूक्रेन: इंडिया मार्च फॉर साइंस

इंडिया मार्च के वैज्ञानिकों ने कहा कि हम रूसी वैज्ञानिकों के पत्र का समर्थन करते हैं। यह खुशी की बात है कि बड़ी संख्या में रूस के लोग अपने देश के सत्ताधारी वर्ग के इस जघन्य कृत्य के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं।

सैन्य शक्तियों के लिए खेल का मैदान बन गया है यूक्रेन: इंडिया मार्च फॉर साइंस

भारत में वैज्ञानिकों और विज्ञान कार्यकर्ताओं के एक सामूहिक आंदोलन 'इंडिया मार्च फॉर साइंस' ने यूक्रेन पर किए जा रहे रूस के हमले की निंदा की है। गुरुवार को इसके सदस्यों ने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने की धमकी को लेकर रूस की आलोचना की और प्रदर्शन किया। वैज्ञानिकों ने एक लिखित बयान में कहा, 'हम एक संप्रभु देश यूक्रेन पर रूसी हमले की निंदा करते हैं। यह अंतरराष्ट्रीय कानून की सभी धाराओं का उल्लंघन है। जो भी विवाद है उन्हें शांति के साथ राजनीतिक वार्ता के जरिए सुलझाया जाना चाहए।'

इंडिया मार्च के वैज्ञानिकों ने कहा कि यूक्रेन प्रतिस्पर्धी सैन्य शक्तियों के लिए खेल का मैदान बन गया है।

उन्होंने कहा कि इस युद्ध की वजह से बड़ी संख्या में लोग मारे जा चुके हैं और यूक्रेन के लोग खतरा, अनिश्चितता और युद्ध के दुखद परिणामों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन प्रतिस्पर्धी सैन्य शक्तियों के लिए खेल का मैदान बन गया है। इससे पहले रूसी वैज्ञानिकों के एक समूह ने भी एक खुला खत लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था कि हम यूक्रेन राज्य का सम्मान करते हैं जो एक लोकतांत्रिक संस्था के आदर्शों पर टिका हुआ है। हमारे देशों के बीच समस्याओं को शांति के साथ हल किया जा सकता है।