बल्ले से मां को मार डाला था, अदालत ने पटेल को अस्पताल भेजा, जेल नहीं!

अपने मुकदमे के दौरान जूरी ने सुना कि पटेल साल 2009 से क्रॉनिक पैरानॉयड सिजोफ्रेनिया से पीड़ित है जिसमें एक व्यक्ति को भ्रम होता है कि कि कोई उसे सता रहा है। मुकदमे से पहले पटेल को एक याचिका दायर करने और मुकदमे में खड़े होने के लिए अयोग्य माना गया था।

बल्ले से मां को मार डाला था, अदालत ने पटेल को अस्पताल भेजा, जेल नहीं!

ब्रिटेन में भारतीय मूल के एक 34 वर्षीय व्यक्ति को अपनी मां को क्रि​केट के बल्ले से हमला करके जान से मारने के जुल्म में अदालत ने अनिश्चिकालीन समय तक अस्पताल में भर्ती करने की सजा सुनाई है। बताया जा रहा है कि आरोपी गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा है, जिस कारण जज ने जेल की बजाय अस्पताल भेजना मुनासिब समझा।

शनील पटेल नाम के इस शख्स ने अपनी 62 वर्षीय मां हंसा पटेल को क्रिकेट के बल्ले से मारा था। बीते दिनों दो दिवसीय फैक्ट फाइंडिंग ट्रायल के बाद लंदन की ओल्ड बेली कोर्ट में शनील पटेल को यह सजा सुनाई। जांच का नेतृत्व करने वाले मेट्रोपॉलिटन पुलिस स्पेशलिस्ट क्राइम कमांड के डिटेक्टिव इंस्पेक्टर मारिया ग्रीन ने कहा कि इस मामले में न्याय के बारे में बात करना अविश्वसनीय रूप से कठिन और दुखद है।