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सिंगापुर में जाकर बिफर क्यों जाते हैं भारतीय, पहुंच जाते हैं सलाखों के पीछे?

चंद्रशेखरन रमन पर आरोप है कि उन्होंने पिछले साल सितंबर और नवंबर महीने के बीच तीन अलग-अलग मौकों पर एक सहायक पुलिस अधिकारी, सिंगापुर सिविल डिफेंस फोर्स (एससीडीएफ) के हवलदार और एक स्टेशन मास्टर को भद्दी गालियां दीं और अपशब्द भी कहे।

भारत में एक कहावत है कि पीने से पहले पानी को छान लेना चाहिए और बोलने से पहले शब्दों को तौल लेना चाहिए। लेकिन लोग अक्सर आपे में आकर इन बातों को भूल जाते हैं। सिंगापुर में सरकारी कर्मचारियों को अपशब्द कहने के आरोप में सोमवार को अदालत ने भारतीय मूल के चंद्रशेखरन को दोषी करार दिया है। अदालत ने चंद्रशेखरन को इस मामले में 12 हफ्ते की कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उन पर करीब सवा लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

54 साल के चंद्रशेखरन रमन पर आरोप है कि उन्होंने पिछले साल सितंबर और नवंबर महीने के बीच तीन अलग-अलग मौकों पर एक सहायक पुलिस अधिकारी, सिंगापुर सिविल डिफेंस फोर्स (एससीडीएफ) के हवलदार और एक स्टेशन मास्टर को भद्दी गालियां दीं और अपशब्द भी कहे। स्थानीय मीडिया की मानें तो चंद्रशेखरन ने इन अधिकारियों के खिलाफ नस्लभेदी टिप्पणियां भी कीं। सिंगापुर पुलिस का कहना है कि चंद्रशेखरन को पिछले साल अप्रैल में भी एक सरकारी कर्मचारी को अपशब्द कहने और परेशान करने के मामले में दोषी करार देते हुए तीन हफ्ते कैद की सजा सुनाई गई थी।

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