सिंगापुर: बार में जाने के लिए यह झूठ बोला, भारतीय मूल के दो लोगों को जेल

सिंगापुर की एक अदालत ने भारतीय मूल के दो लोगों को 5 दिनों के लिए सलाखों के पीछे भेजने का आदेश दिया है। इनका कसूर यह था कि दोनों ने ही अपने कोरोना के टीकाकरण के बारे में झूठी जानकारी दी। सजा पाने वाले लोगों के नाम उधेयाकुमार नल्लाथम्बी (65) व रुघबीर सिंह (37) हैं।

सिंगापुर: बार में जाने के लिए यह झूठ बोला, भारतीय मूल के दो लोगों को जेल

महज झूठ बोलने पर किसी शख्स को जेल की हवा खानी पड़ सकती है। टॉयलेट यूज करने के बाद फ्लश नहीं करने पर जेल जाना पड़ सकता है! जिन्हें लोग आमतौर पर छोटी-मोटी घटना कहकर नजरअंदाज कर देते है, क्या ऐसे मामले में भी सजा मिल सकती है। लेकिन सिंगापुर में यह एक सच्चाई  है। देश की एक अदालत ने भारतीय मूल के दो लोगों को 5 दिनों के लिए सलाखों के पीछे भेजने का आदेश दिया है। इनका कसूर यह था कि दोनों ने ही अपने कोरोना के टीकाकरण के बारे में झूठी जानकारी दी।

सिंगापुर की अदालत ने एक बार में प्रवेश करने के लिए टीके की खुराक लेने के बारे में झूठ बोलने पर यह सजा सुनाई है।

सिंगापुर की अदालत ने एक बार में प्रवेश करने के लिए टीके की खुराक लेने के बारे में झूठ बोलने पर यह सजा सुनाई है। मामले के अनुसार आरोपी उधेयाकुमार नल्लाथम्बी (65) ने बार में प्रवेश करने के लिए अपने आप को रुघबीर सिंह (37) बताया था। सिंह ने अदालत को बताया कि उनकी मित्र और वह पिछले साल नौ सितंबर को नल्लाथम्बी से मिले थे। तीनों बाद में शराब का सेवन करने के लिए सेंटोसा गए और फिर बिकनी बार जाने का मन बनाया। लेकिन बार के सहायक प्रबंधक ने नल्लाथम्बी को प्रवेश करने नहीं दिया, क्योंकि उन्होंने कोविड-19 रोधी टीके की खुराक नहीं ली थी।

लेकिन बार से जाने के बाद सिंह ने नल्लाथम्बी को खुद को सिंह बताकर और उसका टीकाकरण दर्जा इस्तेमाल कर बार में प्रवेश करने का सुझाव दिया। नल्लाथम्बी इस पर राजी हो गया और वह उसका मोबाइल फोन ले गया। इसके बाद वह महिला के साथ कोस्टेस बार गया, जबकि सिंह बाहर इंतजार करता रहा। नल्लाथम्बी ने वहां शराब पी और तभी बिकनी बार के सहायक प्रबंधक ने उसे देख लिया। उसने कोस्टेस बार के अपने समकक्ष को इसकी जानकारी दी और तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। कर्मचारियों ने नल्लाथम्बी से संपर्क किया और पाया कि उसने सिंह के नाम का इस्तेमाल  किया है। तुरंत मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई। अदालत ने नल्लाथम्बी के साथ सिंह को भी सजा दी जिन्होंने नल्लाथम्बी को अपनी पहचान का इस्तेमाल करने की इजाजत दी।