सिंगापुर की NTU के अध्यक्ष का पद छोड़ेंगे प्रो. सुरेश, इसलिए लिया फैसला

एनटीयू की स्थापना साल 1991 में हुई थी और सुरेश इसके चौथे अध्यक्ष हैं। वह जनवरी 2018 में यूनिवर्सिटी से जुड़े थे। इससे पहले वह अमेरिका की कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट थे। यहां इस पद पर उन्होंने साल 2013 से 2017 तक सेवा दी थी।

सिंगापुर की NTU के अध्यक्ष का पद छोड़ेंगे प्रो. सुरेश, इसलिए लिया फैसला

सिंगापुर में भारतीय मूल के प्रोफेसर सुब्रा सुरेश ने इस साल के अंत में प्रतिष्ठित नान्यांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (NTU) के अध्यक्ष पद से हटने का फैसला किया है। उन्होंने यह कदम अमेरिका में अपने परिवार के साथ लौटने के लिए उठाने का फैसला किया है। एनटीयू की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि प्रो. सुरेश के उत्तराधिकारी की तलाश के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा।

एनटीयू की स्थापना साल 1991 में हुई थी और सुरेश इसके चौथे अध्यक्ष हैं। 

66 वर्षीय सुरेश ने कैंपस कम्युनिटी को लिखे एक ईमेल में कहा कि वैश्विक महामारी (कोरोना वायरस) के प्रकोप ने मेरे परिवार को मुझसे दूर किया है। कई अन्य महाद्वीपों में भी कई लोग इसी तरह अपने परिवारों से मिल नहीं पा रहे हैं और महत्वपूर्ण पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस साल के अंत में मेरे पहले पोते का जन्म होने की उम्मीद है और एक परिवार के तौर पर मैं उसके पास रहना चाहता हूं। इसी को लेकर सुरेश और उनकी पत्नी ने फैसला किया है कि उन्होंने जो समयावधि तय किया था उससे पहले अमेरिका वापस लौट जाएंगे।

एनटीयू की स्थापना साल 1991 में हुई थी और सुरेश इसके चौथे अध्यक्ष हैं। वह जनवरी 2018 में यूनिवर्सिटी से जुड़े थे। इससे पहले वह अमेरिका की कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट थे। यहां इस पद पर उन्होंने साल 2013 से 2017 तक सेवा दी थी। पूरी यूनिवर्सिटी को भेजे एक संदेश में एनटीयू बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की चेयरमैन गोह स्वी चेन ने प्रो. सुरेश के योगदानों और उपलब्धियों के लिए उनको धन्यवाद कहा। उन्होंने कहा कि सुरेश के नेतृत्व में उन्होंने और उनकी टीम ने पाठ्यक्रम इनोवेशन और डिजिटल प्रौद्योगिकियों को पेश किया और हमारे छात्रों के लिए उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पेशकश की जो यूनिवर्सिटी के लिए काफी अहम रहा।

गोह ने आगे कहा कि पिछले तीन दशकों में एनटीयू ने उल्लेखनीय प्रगति की है और उच्च शिक्षा के लिए सुरेश का विजन इस रफ्तार को जारी रखेगा। सुरेश का जन्म साल 1956 में भारत के मुंबई शहर में हुआ था। मई 1977 में उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT Madras) से डिस्टिंक्शन के साथ प्रथम श्रेणी में बीटेक की डिग्री प्राप्त की थी। इसके बाद 1979 में उन्होंने आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर्स डिग्री और 1981 में मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ही पीएचडी पूरी की थी।