झगड़े और नस्लवादी टिप्पणी के आरोप में सलाखों के पीछे पहुंचा भारतीय मूल का शख्स

आरोप है कि 43 वर्षीय संजीवन महालिंगम ने पिछले साल 24 सितंबर को अपने जन्मदिन के मौके पर एक सफाई कर्मचारी को घूंसा जड़ दिया था और उसका जबड़ा तोड़ दिया था। उसने अधिकारी पर नस्ली टिप्पणी भी की थी। संजीवन ने कुल पांच आरोपों में अपना अपराध स्वीकार किया है।

झगड़े और नस्लवादी टिप्पणी के आरोप में सलाखों के पीछे पहुंचा भारतीय मूल का शख्स

सिंगापुर में भारतीय मूल के एक व्यक्ति को पुलिस अधिकारियों पर हमला करने और नस्लवादी टिप्पणी करने समेत पिछले साल के कई मामलों में 22 महीने और चार सप्ताह के कारावास की सजा सुनाई गई है। आरोप है कि 43 वर्षीय संजीवन महालिंगम ने पिछले साल 24 सितंबर को अपने जन्मदिन के मौके पर एक सफाई कर्मचारी को घूंसा जड़ दिया था और उसका जबड़ा तोड़ दिया था। यह घटना पीड़ित के एक बिन सेंटर में सोने को लेकर विवाद के चलते हुई थी।

इससे पहले 12 सितंबर को पुलिस को हांग लिम मार्केट एंड फूड सेंटर में नशे में धुत एक व्यक्ति के हंगामा करने की सूचना मिली थी। यह व्यक्ति भी संजीवन ही था। यहां पहुंचे दो पुलिस अधिकारियों के साथ उसने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। हाथ में बोतल पकड़े और नशे में धुत संजीवन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था और एक स्टूल जब्त किया था जो उसने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर फेंका था। संजीवन जब हवालात में था, तब उसने एक महिला अधिकारी पर चप्पल भी फेंक कर मारी थी।

इसके अलावा इसी साल 21 फरवरी की एक और घटना में अधिकारियों ने संजीवन के पास से कांच की पाइप बरामद की थी। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। वहीं थाने में कोरोना जांच के लिए इंतजार करते हुए उसने निर्देश मानने से मना कर दिया था। इस दौरान वह बार-बार मास्क उतार रहा था और अचानक उसने सार्जेंट फिरदौस के चेहरे पर थूक दिया। उसने अधिकारी पर नस्ली टिप्पणी भी की थी। संजीवन ने कुल पांच आरोपों में अपना अपराध स्वीकार किया है।

जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप में संजीवन को 10 साल तक की जेल और जुर्माना या बेंत की सजा हो सकती है। एक लोक सेवक को अपने कर्तव्य का पालन करने से रोकने के लिए उसे चार साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकती है। इसके अलावा उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम के तहत एक अपराध के लिए उसे दो साल तक की जेल हो सकती है और उस पर 10,000 सिंगापुर डॉलर (लगभग 5.60 लाख रुपये) तक का जुर्माना या दोनों ही लगाया जा सकता है।