एक मां की करुण पुकार भी अनसुनी हो गई, सिंगापुर में नागेंद्रन को फांसी

नागेंद्रन को 2009 में मलेशिया से सिंगापुर में घुसते हुए गिरफ्तार किया गया था। 2010 में उन्हें 42.72 ग्राम हेरोइन की तस्करी का दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई गई थी। आखिरी वक्त में नागेंद्रन ने भी फैसले को स्वीकार कर लिया। उन्होंने अदालत से अपने परिवार के साथ कुछ वक्त बिताने की इच्छा जाहिर की।

एक मां की करुण पुकार भी अनसुनी हो गई, सिंगापुर में नागेंद्रन को फांसी

सिंगापुर की सर्वोच्च अदालत ने आखिरी वक्त में एक मां की करुणा से भरी अपील को भी ठुकरा दिया। इसके साथ ही 34 साल के भारतीय मूल के मलेशियाई नागरिक नागेंद्रन धर्मलिंगम की 13 साल लंबी कैद फांसी के साथ खत्म हो गई। करीब 42 ग्राम हेरोइन की तस्करी में दोषी पाए गए थे। वह 'मानसिक रूप से बीमार' थे। दुनियाभर के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने नागेंद्रन को बचाने की कोशिश की थी, लेकिन 34 साल के नागेंद्रन को बुधवार को मौत की सजा दे दी गई।

आखिरी वक्त में नागेंद्रन ने भी फैसले को स्वीकार कर लिया। उन्होंने अदालत से अपने परिवार के साथ कुछ वक्त बिताने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि मैं यह अनुरोध इसलिए कर रहा हूं जिससे मैं अपने परिवार के सदस्यों का हाथ पकड़ सकूं। यहीं अदालत में अपने परिजनों का हाथ पकड़ना चाहता हूं, जेल में नहीं। क्या मुझे यहां उनके हाथ थामने की इजाजत है? अदालत ने नागेंद्रन का अनुरोध स्वीकार कर लिया। बाद में उन्हें अपने परिवार के साथ दो घंटे बिताने का मौका भी दिया गया, लेकिन उस दौरान शारीरिक संपर्क की इजाजत नहीं थी। नागेंद्रन के भाई नवीन कुमार ने कहा कि बुधवार सुबह उन्हें फांसी दे दी गई। परिवार के मुताबिक नागेंद्रन का शव मलेशिया भेजा जाएगा जहां इपोह में अंतिम संस्कार किया जाएगा।

नागेंद्रन को मलेशिया से सिंगापुर में घुसते हुए 2009 में गिरफ्तार किया गया था। 

बता दें कि नागेंद्रन को मलेशिया से सिंगापुर में घुसते हुए 2009 में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 2010 में 42.72 ग्राम हेरोइन की तस्करी करने का दोषी ठहराया गया था और मौत की सजा सुनाई गई थी। सिंगापुर के कानून के मुताबिक 15 ग्राम से अधिक हेरोइन के साथ पकड़े जाने पर फांसी की सजा है। नागेंद्रन की सजा को माफ करने की अपील दुनिया भर में की गई थी। इसकी वजह यह थी कि नागेंद्रन मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए गए थे। 2017 में सिंगापुर के मनोचिकित्सक डॉक्टर केन उंग ने कहा था कि नागेंद्रन को मध्यम स्तर की मानसिक विकलांगता है और वो शराब पीने की लत के भी शिकार हैं। हालांकि बाद में वे अदालत में पलट गए थे।

मलेशिया की सरकार ने भी फांसी के खिलाफ अपील की थी। सिंगापुर में लाखों लोगों ने एक याचिका पर हस्ताक्षर कर सिंगापुर के राष्ट्रपति से नागेंद्रन की सजा को माफ करने की अपील की थी। लेकिन सिंगापुर की अदालत ने आखिरकार मानसिक रूप से बीमार शख्स को फांसी पर चढ़ा ही दिया।