दर्द महसूस कर सकती है यह आर्टिफिशियल स्किन, UK में प्रो. दहिया के नेतृत्व वाली टीम ने बनाया है इसे!

प्रो. दहिया ने कहा कि हम अपने जीवन में दर्द जैसी अप्रत्याशित संवेदनाओं पर प्रतिक्रिया देना बहुत जल्दी सीख जाते हैं। ऐसा हम इसलिए करते हैं ताकि वह खुद को दोबारा कष्ट देने से बचा सकें। उनकी टीम ने सिनैप्टिक ट्रांजिस्टर्स पर आधारित एक नए प्रकार के प्रोसेसिंग सिस्टम के साथ कृत्रिम त्वचा तैयार की है।

दर्द महसूस कर सकती है यह आर्टिफिशियल स्किन, UK में प्रो. दहिया के नेतृत्व वाली टीम ने बनाया है इसे!

यूनाइटेड किंगडम (UK) में भारतीय मूल के एक इंजीनियर के नेतृत्व वाली टीम ने एक इलेक्ट्रॉनिक स्किन (त्वचा) बनाई है जो दर्द महसूस कर सकती है। टीम का कहना है कि इससे स्मार्ट रोबोट्स की नई पीढ़ी तैयार करने में मदद मिल सकती है जिनमें इंसानों जैसी संवेदनशीलता होगी।

टीम का नेतृत्व करने वाले इंजीनियर का नाम है प्रो. रविंदर दहिया। वह यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो के जेम्स वॉट स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में प्रोफेसर हैं। प्रो. रविंदर और उनकी टीम ने सिनैप्टिक ट्रांजिस्टर्स पर आधारित एक नए प्रकार के प्रोसेसिंग सिस्टम के साथ कृत्रिम त्वचा तैयार की है।

यह प्रोसेसिंग सिस्टम दिमाग के न्यूरल पाथवे को सीखने के लिए उनकी नकल करता है। अगर कोई रोबोटिक हाथ स्मार्ट स्किन के साथ बनाया जाता है तो माना जाता है कि वह बाहरी उत्तेजनाओं को प्रतिक्रिया देने के लिए सीखने की उल्लेखनीय क्षमता दिखा सकता है।

प्रो. दहिया ने कहा कि हम अपने जीवन में दर्द जैसी अप्रत्याशित संवेदनाओं पर प्रतिक्रिया देना बहुत जल्दी सीख जाते हैं। ऐसा हम इसलिए करते हैं ताकि वह खुद को दोबारा कष्ट देने से बचा सकें। उन्होंने कहा कि हमने ऐसी ई-स्किन बनाई है जो हार्डवेयर स्तर पर सीख सकती है।

इलेक्ट्रॉनिक स्किन को यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो के बेंडेबल इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेंसिंग टेक्नोलॉजी (BEST) समूह का फ्लेक्सिबल, स्ट्रेचेबल प्रिंटेड सतह के क्षेत्र में ताजा ब्रेकथ्रू माना जा रहा है। प्रो. रविंदर और उनकी टीम की इस खोज को रोबोटिक्स के क्षेत्र में क्रांतिकारी माना जा रहा है।