उपलब्धि: 'लंदन बरो ऑफ साउथवॉर्क' के दूसरी बार मेयर चुने गए सुनील चोपड़ा

चोपड़ा के नेतृत्व में ब्रिटेन की लेबर पार्टी ने लंदन ब्रिज और वेस्ट बेरमोंडसे सीट पर लिबरल उम्मीदवारों को मात दी है। इन सीटों पर दशकों तक विपक्षी दल का नियंत्रण रहा था। चोपड़ा के राजनैतिक सफर की शुरुआत वर्ष 1970 में नई दिल्ली में हो गई थी। तब वह कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज के पहले अध्यक्ष बने।

उपलब्धि: 'लंदन बरो ऑफ साउथवॉर्क' के दूसरी बार मेयर चुने गए सुनील चोपड़ा

भारतीय मूल के सुनील चोपड़ा दूसरी बार लंदन बरो ऑफ साउथवॉर्क के मेयर चुने गए हैं। दिल्ली में जन्मे चोपड़ा ने शनिवार को मध्य लंदन के मोंटागू क्लोज में स्थित साउथवॉर्क कैथेड्रल में पद की शपथ ली थी। इससे पहले साल 2014-15 में वह बॉरो ऑफ साउथवॉर्क के मेयर और साल 2013-14 में उप मेयर रह चुके हैं। चोपड़ा बरो में यह प्रतिष्ठित कार्यालय संभालने वाले भारतीय मूल के पहले व्यक्ति हैं।

चोपड़ा की जीत इसलिए भी काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि लंदन बरो ऑफ साउथवॉर्क काउंसिल में भारतीय मूल के दो फीसदी लोग ही हैं। 

उल्लेखनीय है कि चोपड़ा के नेतृत्व में ब्रिटेन की लेबर पार्टी ने लंदन ब्रिज और वेस्ट बेरमोंडसे सीट पर लिबरल उम्मीदवारों को मात दी है। इससे पहले इन सीटों पर दशकों तक विपक्षी दल का नियंत्रण रहा था। चोपड़ा की जीत इसलिए भी काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि लंदन बरो ऑफ साउथवॉर्क काउंसिल में भारतीय मूल के दो फीसदी लोग ही हैं। सुनील चोपड़ा ने साल 2010 में ब्रिटेन की राजनीति में प्रवेश किया था।

हालांकि उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत 1970 के दशक में नई दिल्ली में ही हो गई थी। साल 1972 में वह दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज के पहले अध्यक्ष बने थे। वर्ष 1973-74 में एलएलबी की पढ़ाई के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय में चोपड़ा ने सुप्रीम काउंसलर का पद भी संभाला था। वह भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) की नई दिल्ली इकाई के अध्यक्ष भी रहे।

चार दशक से अधिक समय से लंदन में रह रहे चोपड़ा 1979 में ब्रिटेन आए थे। यहां आकर उन्होंने एक खुदरा दुकान शुरू की थी। भारतीय समुदाय के लिए उन्होंने 'साउथवॉर्क हिंदू सेंटर' की स्थापना भी की है।