बैंक ऑफ इंग्लैंड के मोनेट्री पैनल में आईं डॉ. स्वाति, पहली भारतीय महिला हैं

दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट होने के बाद ढींगरा ने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पोस्ट ग्रेजुएट की और अब वह नौ अगस्त को तीन साल के कार्यकाल के लिए मोनेट्री पॉलिसी कमेटी (MPC) में शामिल होंगी। डॉ. स्वाति ढींगरा वर्तमान बाहरी सदस्य माइकल सॉन्डर्स का स्थान लेंगी जो अगस्त 2016 से एमपीसी में हैं।

बैंक ऑफ इंग्लैंड के मोनेट्री पैनल में आईं डॉ. स्वाति, पहली भारतीय महिला हैं

ब्रिटेन के बैंक ऑफ इंग्लैंड की ब्याज दर-निर्धारण समिति के बाहरी सदस्य के रूप में भारतीय मूल की डॉ. स्वाति ढींगरा को नामित किया गया है। ढींगरा इस पद के लिए नियुक्त होने वाली पहली भारतीय मूल की महिला हैं। ढींगरा लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) में अर्थशास्त्र की एसोसिएट प्रोफेसर हैं। ढींगरा को इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स और माइक्रोइकोनॉमिक्स में विशेषज्ञता हासिल है।

Union Jack at half mast
ब्रिटेन में राजकोष के चांसलर ऋषि सनक ने ही पिछले हफ्ते ढींगरा की नियुक्ति की घोषणा की थी। Photo by Maxim Hopman / Unsplash

दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट होने के बाद ढींगरा ने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पोस्ट ग्रेजुएट की और अब वह नौ अगस्त को तीन साल के कार्यकाल के लिए मोनेट्री पॉलिसी कमेटी (MPC) में शामिल होंगी। बैंक ऑफ इंग्लैंड का स्वतंत्र एमपीसी यूके की मौद्रिक नीति के संचालन के बारे में निर्णय लेता है। इसमें बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर और तीन डिप्टी गवर्नर के अलावा मोनेट्री पॉलिसी की जिम्मेदारी लेने वाले बैंक के एक सदस्य और चार बाहरी सदस्य शामिल होते हैं जिन्हें चांसलर द्वारा नियुक्त किया जाता है। डॉ. स्वाति ढींगरा वर्तमान बाहरी सदस्य माइकल सॉन्डर्स का स्थान लेंगी जो अगस्त 2016 से एमपीसी में हैं।

बता दें कि ब्रिटेन में राजकोष के चांसलर ऋषि सनक ने ही पिछले हफ्ते ढींगरा की नियुक्ति की घोषणा की थी। भारतीय मूल के वित्त मंत्री ने कहा कि इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स में डॉ. स्वाति ढींगरा का अनुभव एमपीसी के लिए मूल्यवान नई विशेषज्ञता लाएगा। मैं उन्हें इस भूमिका में नियुक्त करने के लिए खुश हूं और आने वाले वर्षों में नीति निर्माण में उनके योगदान को देखने के लिए उत्सुक हूं।

स्वाति ने अपनी नियुक्ति के संदर्भ में कहा कि समिति का काम बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि ब्रिटेन को महामारी और युद्ध की वैश्विक चुनौतियों के बीच जीवन संकट की असाधारण लागत का सामना करना पड़ रहा है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि अकादमिक की अंतर्दृष्टि और परिप्रेक्ष्य बैंक की चर्चाओं के लिए बेहद फायदेमंद होगा। हम इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स में उनके व्यापक शोध से लाभान्वित होंगे।

लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अपनी भूमिका के अलावा स्वाति ढींगरा रॉयल इकोनॉमिक सोसाइटी की परिषद की एक निर्वाचित सदस्य हैं और रिव्यू ऑफ इकोनॉमिक स्टडीज के संपादकीय बोर्ड और जर्नल ऑफ इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स के लिए एक एसोसिएट एडिटर हैं। वह सेंटर फॉर इकोनॉमिक परफॉर्मेंस में ट्रेड प्रोग्राम पर रिसर्च एसोसिएट और सेंटर फॉर इकोनॉमिक पॉलिसी रिसर्च की रिसर्च फेलो भी हैं।