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सिंगापुर में तीन महिला नर्तकियों का उत्पीड़न, भारतीय को 41 माह की जेल

सिंगापुर के जनशक्ति मंत्रालय ने बताया कि 'जयहो क्लब' के संचालक बालासुब्रमण्यम ने महिलाओं पर इतना वित्तीय बोझ डाल दिया कि वे उसके चंगुल में फंसी रहे। मंत्रालय ने बताया कि उनमें से दो पर बालासुब्रमण्यम ने हमला किया था। मंत्रालय ने तीनों महिलाओं को बचा लिया है और वह भारत लौट गई हैं।

सिंगापुर में एक मनोरंजन क्लब के एक भारतीय संचालक को भारत से तीन महिला नर्तकियों (डांसर) की तस्करी और उनमें से दो पर ​हमला करने के जुर्म में 41 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा उस पर सिंगापुर डॉलर 27,365  (15 लाख 30 हजार रुपये)  का जुर्माना लगाया गया है।

सिंगापुर के जनशक्ति मंत्रालय (MOM) ने बताया कि 'जयहो क्लब' के संचालक 47 वर्षीय अलगर बालासुब्रमण्यम ने महिलाओं पर इतना वित्तीय बोझ डाल दिया था कि वे नौकरी छोड़ने और एक साथ चुकाने में सक्षम नहीं हो सकें। मंत्रालय ने बताया कि उनमें से दो पर बालासुब्रमण्यम ने हमला किया था। मंत्रालय ने तीनों महिलाओं को बचा लिया है और वह भारत लौट गई हैं। बालासुब्रमण्यम को मानव तस्करी रोकथाम अधिनियम के तहत चार केस दर्ज किए गए थे। हालांकि एक आरोप से वह बरी कर दिया गया था। अदालत ने पीड़ितों की पहचान को उजागर न करने का आदेश दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार तीनों पीड़ित अच्छी तरह से पढ़ी-लिखी नहीं थीं और सिंगापुर से अपरिचित थीं। इनमें से दो पहले कभी सिंगापुर नहीं गई थीं, जबकि तीसरी पीड़िता क्लब में काम पर रखने से पहले केवल एक सप्ताह के लिए सिंगापुर में रही थी। अभियोजन पक्ष ने कहा कि बालासुब्रमण्यम ने भारत में अपने गांवों से इन तीनों की भर्ती की। पीड़िताओं ने गवाही दी कि उन्हें अपने दम पर परिसर छोड़ने की अनुमति नहीं थी। क्लब एक बड़ी जेल की तरह था। एक बार जब आप उसके चंगुल में फंस जाते तो आप तभी निकल सकते हैं जब वह आपको छोड़ दे। अगर वह आपको पसंद करता है तो वह आपकी अच्छी देखभाल करेगा वरना वह आपको प्रताड़ित करेगा।

द स्ट्रेट्स टाइम्स ने मंत्रालय के बयान के हवाले से बताया कि उन्हें रोजगार के दौरान कोई वेतन नहीं दिया गया था। बालासुब्रमण्यम ने उनके पासपोर्ट, वर्क परमिट और मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए थे और उसकी मंजूरी के बिना भारत लौटने पर उन्हें नुकसान पहुंचाने की भी बालासुब्रमण्यम ने धमकी दी थी। मंत्रालय ने कहा कि उसके जांच अधिकारी नियमित रूप से महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच के लिए उनसे मिलने जाते थे और उनके लिए पेशेवर परामर्श सेवाएं देते थे। भारत लौटने से पहले उन्हें अस्थायी नौकरी योजना के तहत अस्थायी रोजगार भी दिलाया गया था।

महिलाएं क्लब के ऊपर तीसरी मंजिल पर रहती थीं। बालासुब्रमण्यम भी अपने रोजगार के दौरान क्लब में रहता था। पीड़ित नर्तकियों को नियमित ग्राहक को बुलाने और उन्हें क्लब में आने के लिए लुभाने के लिए फोन दिए गए थे। ग्राहकों को पीड़ित नर्तकियों के साथ नृत्य करने और पैसे के बदले उन्हें छूने की अनुमति थी।

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