कोरोना ने रोकी थी राह, अब भारतीय आमों का फिर स्वाद चखेगा अमेरिका

दुनिया का 41 फीसदी आम का उत्पादन भारत करता है। कई देशों में आम का निर्यात किया जाता है। अमेरिका की बात करें तो भारत से पहली बार आम का निर्यात साल 2007 में शुरू हुआ था। वर्ष 2019-20 में भारत ने अमेरिका को कुल 1095.42 टन आम भेजा था। इसके बाद कोरोना की वजह से आम का निर्यात बंद हो गया।

कोरोना ने रोकी थी राह, अब भारतीय आमों का फिर स्वाद चखेगा अमेरिका
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क्या आप जानते हैं कि दुनिया के कई मुल्क भारतीय आमों के कद्रदान है। अमेरिका हो या ब्रिटेन या संयुक्त अरब अमीरात, हर कोई भारत के इस लजीज फलों के स्वाद से वंचित नहीं होना चाहता है। यही कारण है कि इन देशों में भारतीय आम की भारी मांग है। हालांकि दो साल से कोरोना महामारी ने भारतीय आमों के निर्यात पर बहुत ही बुरा असर डाला है। लेकिन अब अमेरिका के लोगों को वही रसीले आम का स्वाद फिर से मिलने वाला है। भारत से अमेरिका को आम और अनार का निर्यात इस साल जनवरी-फरवरी में शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही चेरी और अल्फाल्फा (पशुओं का चारा) का अमेरिका से आयात भी इस साल अप्रैल से शुरू हो जाएगा।

Fruit Stall at the supermarket
2019-20 में भारत ने अमेरिका को कुल 1095.42 टन आम भेजा था। Photo by Fikri Rasyid / Unsplash

ऐसा संभव इसलिए हो पाया है कि दोनों देशों के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं। भारत के वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक पिछले साल नवंबर में हुई 12वीं भारत-अमेरिका व्यापार नीति मंच की बैठक के अनुरूप कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और अमेरिका के कृषि विभाग (यूएसडीए) ने ‘दो बनाम दो कृषि बाजार पहुंच मुद्दों’ के क्रियान्वयन के लिए रूपरेखा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत आम और अनार के दानों के भारत से निर्यात और अमेरिका की चेरी और अल्फाल्फा चारे के लिए भारत के बाजार में पहुंच देना शामिल है। आम और अनार का निर्यात जनवरी-फरवरी में शुरू होगा। अनार के दानों का निर्यात अप्रैल से आरंभ होगा। इसके साथ ही अमेरिका से आयात की प्रक्रिया इस साल अप्रैल से शुरू हो जाएगी।