यहां पहली बार हुआ इस तरह का सफल ऑपरेशन, भारतीय डॉक्टर ने दिया अंजाम

इलाज के लिए मरीज की 10 साल की बहन ने बोन मैरो दान किया था। इलाज शुरू करने से पहले बच्ची को जन्म से ही उसकी बीमारी से उत्पन्न जटिलताओं के कारण नियमित रूप से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बेहद कठिन सर्जरी को अंजाम देने वाले डॉ. जैनुल आब्दीन मूल रूप से भारतीय राज्य केरल के कन्नूर से हैं।

यहां पहली बार हुआ इस तरह का सफल ऑपरेशन, भारतीय डॉक्टर ने दिया अंजाम

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के आबू धाबी में एक भारतीय डॉक्टर ने पहली पीडियाट्रिक स्टेम सेल बोन मैरो ट्रांसप्लांट को अंजाम दिया है। डॉ. जैनुल आब्दीन युगांडा की सिकल सेल (Sickle Cell) बीमारी से पीड़ित एक पांच साल की बच्ची का इलाज कर रहे थे। उन्होंने सफलतापूर्वक उसकी यह अत्याधुनिक एलोजीनिक प्रक्रिया पूरी की। डॉ. जैनुल बुर्जील मेडिकल सिटी में पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजी एंड ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख हैं।

अस्पताल की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक यह सर्जरी 400 बेड वाले अस्पताल की बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट में की गई। बयान के अनुसार यह देश में किया गया अपनी तरह का पहला पीडियाट्रिक इलाज है। इलाज के लिए मरीज की 10 साल की बहन ने बोन मैरो दान किया था। इलाज शुरू करने से पहले बच्ची को जन्म से ही उसकी बीमारी से उत्पन्न जटिलताओं के कारण नियमित रूप से अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

सिकल सेल रोग एक आनुवंशिक रूप से होने वाली समस्या है। 

बता दें कि सिकल सेल रोग एक आनुवंशिक रूप से होने वाली समस्या है। इस बीमारी की वजह से लाल रक्त कणिकाओं (RBC) में पाए जाने वाले हीमोग्लोबिन में असामान्यता हो जाती है। इसके चलते वे सिकल के आकार की हो जाती हैं। इस समस्या की वजह से एनीमिया, हाथ-पैरों में सूजन, बार-बार दर्द समेत मरीजों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा सकता है। इस बीमारी से पीड़ित मरीजों को कभी-कभी दौरा भी पड़ सकता है।

सफल इलाज को लेकर डॉ. जैनुल ने कहा कि यह मरीज की जान पर खतरे की स्थिति थी। इसका एकमात्र संभव इलाज बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन था। प्रक्रिया से पहले मरीज को बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ा था। अस्पताल में हमारी पूरी केयर टीम और बच्ची के माता-पिता बहुत खुश हैं कि बच्ची को अब इस दर्द का और सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बच्ची की हालत अब ठीक है और इलाज का अच्छा असर दिख रहा है।

बेहद कठिन सर्जरी को अंजाम देने वाले डॉ. जैनुल आब्दीन मूल रूप से भारतीय राज्य केरल के कन्नूर से हैं। उन्होंने कालीकट यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की डिग्री पूरी की थी। वहीं, यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई से उन्होंने पीडियाट्रिक्स में परास्नातक की डिग्री ली थी। इसके बाद पीडियाट्रिक हेमेटोलॉजी, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी और पीडियाट्रिक बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन में आगे का प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए वह यूनाइटेड किंगडम (UK) चले गए थे।