'सब देशों में कामयाब हैं प्रवासी भारतीय लेकिन अपनी जड़ों से भी जुड़े हुए हैं'

मुरलीधरन ने गूगल सीईओ सुंदर पिचाई, ट्विटर सीईओ पराग अग्रवाल, नोकिया सीईओ राजीव सूरी और कैनल सीईओ लीना नायर जैसे प्रवासियों की सफलता की तारीफ करते हुए कहा कि इन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय युवा नेतृत्व को साबित किया है।

'सब देशों में कामयाब हैं प्रवासी भारतीय लेकिन अपनी जड़ों से भी जुड़े हुए हैं'

भारतीय मूल के लोग दुनिया के कई देशों में राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और तकनीक जैसी सेवाओं में महत्वपूर्ण जगहों पर हैं। बावजूद इसके दुनिया में बसे ये प्रवासी भारतीय अपनी भारतीय परंपरा, संस्कृति, खान-पान और भाषा की जड़ों से जुड़े हुए हैं। इन्होंने अपनी मातृभूमि से संबंधित विरासत, संस्कृति और परंपरा को जीवंत बनाए रखा है। यही कारण है भारत से बाहर रहकर भी देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले प्रवासी भारतीयों के काम की तारीफ भारत के प्रधानमंत्री मोदी भी कई बार कर चुके हैं।

प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर रविवार को आयोजित डिजिटल कार्यक्रम में विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि भारतीय प्रवासियों की यह एक बड़ी उपलब्धि है कि वे भारत को दुनिया से जोड़ने के लिए एक सेतु की तरह काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार इन प्रवासियों के नेतृत्व से जुड़कर विज्ञान और तकनीक पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया में रहने वाले भारतीय प्रवासी अच्छे पदों पर काम कर रहे हैं।