अर्थव्यवस्था से लेकर राजनेताओं की यूं जरूरत बन गए हैं भारतीय प्रवासी

भारत से बाहर रह रहे भारतीयों ने जैसे-जैसे विदेशों में अपनी जड़ें जमाईं वे उन देशों के साथ ही अपने वतन में भी अहम स्थान रखने लगे। निवेश से लेकर कूटनीति और शिक्षा से लेकर संस्कृति इनकी भूमिका स्पष्ट तौर पर नजर आने लगी है

अर्थव्यवस्था से लेकर राजनेताओं की यूं जरूरत बन गए हैं भारतीय प्रवासी

देश से बाहर रह रहे भारतीयों का महत्व इससे समझा जा सकता है कि वे भारत को हर साल 60 अरब डॉलर भेजते हैं जो कि दुनिया की सातवीं बड़ी अर्थव्यवस्था की जीडीपी का करीब 3 प्रतिशत है। एक अनुमान के मुताबिक विश्व में सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रवासियों की संख्या भारत की है और आज भारतीय प्रवासी पहले की अपेक्षा कहीं अधिक संपन्न है और जिन भी देशों में वे रह रहे हैं, वहां की अर्थव्यवस्था के साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान दे रहे हैं। विश्व के मंचों पर भारत के लिए लॉबिंग हो या भारतीय उद्योगों में निवेश, या फिर भारत की भाषा और संस्कृति का प्रचार उनके प्रयासों की अनदेखी नहीं की जा सकती। अलग-अलग क्षेत्रों में किस तरह प्रवासी दिखा रहे हैं अपना असर पेश है एक रिपोर्ट