भारत में जन्मे वाराणसी बंधुओं का नया स्टार्टअप, पेशकश वाकई शानदार है

जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान दोनों भाइयों ने बायोकेमिस्ट्री से लेकर इकनॉमिक्स और कम्प्यूटर इंजीनियर तक की क्लासेज में शानदार प्रदर्शन किया। तब यह माना जा रहा था कि दोनों अपना करियर क्रिप्टोकरेंसी या स्मार्टफोन से जुड़े किसी हाई टेक क्षेत्र में बनाएंगे।

भारत में जन्मे वाराणसी बंधुओं का नया स्टार्टअप, पेशकश वाकई शानदार है

अनिल और सुनील वाराणसी जो चाहे वह कर सकते थे। भारत में जन्मे दोनों भाई जब वर्जीनिया आए थे, तब अनिल की उम्र 12 और सुनील की 14 साल थी। मजे-मजे में दोनों ने अपने एक्सबॉक्स को हैक कर लिया था। इसके अलावा उन्होंने कस्टम पर्सनल कंप्यूटर बनाए और बेचे।

जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान दोनों भाइयों ने बायोकेमिस्ट्री से लेकर इकनॉमिक्स और कम्प्यूटर इंजीनियर तक की क्लासेज में शानदार प्रदर्शन किया। तब यह माना जा रहा था कि दोनों अपना करियर क्रिप्टोकरेंसी या स्मार्टफोन से जुड़े किसी हाई टेक क्षेत्र में बनाएंगे। लेकिन दोनों ने ऑफिस इंटरनेट और वाई-फाई नेटवर्क्स को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया। कॉलेज में रहते हुए ही दोनों भाइयों ने एक कंपनी की शुरुआत की थी जो विभिन्न व्यवसायों के लिए नेटवर्किंग के उपकरण इंस्टॉल करने की सेवाएं प्रदान करती थी।

अनिल वाराणसी कहते हैं कि इंटरनेट सेवाएं बिल्कुल वैसी ही होनी चाहिए, जैसी टेलीफोन और बिजली की सेवाएं हैं। Photo by Stephen Phillips - Hostreviews.co.uk / Unsplash

जब तक वह स्नातक हुए तब तक इस कंपनी के 50 कर्मचारी और 100 ग्राहक हो चुके थे। अपने इस अनुभव ने उन्हें विश्वास हुआ कि जो काम असल में करने की जरूरत है, वह ये है कि नेटवर्किंग उपकरणों और जिन सॉफ्टवेयर्स पर ये चलते हैं उसे फिर से डिजाइन किया जाए।

'मीटर आईएनसी' (Meter Inc.) के सीईओ अनिल वाराणसी कहते हैं कि हमारा मानना ये है कि इंटरनेट सेवाएं बिल्कुल वैसी ही होनी चाहिए जैसी टेलीफोन और बिजली की सेवाएं हैं। इस कंपनी ने कार्यालयों में नेटवर्किंग के काम को पहले के मुकाबले अब काफी आसान बनाया है। यह कंपनी अपने ग्राहकों से ऑफिस स्पेस के प्रति वर्ग फुट पर 15 डॉलर के मासिक शुल्क की पेशकश करती है। ग्राहक फ्लोर प्लान भेजता है। मीटर तय करता है कि कौन से उपकरणों की वहां जरूरत होगी। कंपनी का कहना है कि सारे हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर हम खुद बनाते हैं।

कंपनी को अभी तक पांच करोड़ डॉलर की फंडिंग जुटा चुकी है। साल 2014 में वाराणसी भाइयों ने अपनी पहली नेटवर्किंग कंपनी बेची थी। उस समय वह चीन में थे। 2016 में अमेरिका लौटने के बाद दोनों ने पहले अन्य स्टार्टअप्स के साथ काम किया फिर अपना काम शुरू कर दिया।