लैंगिक हिंसा पर बने भारत के एप ने जीता यह 'चैलेंज', डिसिल्वा हुई गदगद

प्रतियोगिता के लिए 118 देशों से 305 आवेदन आए थे। इनमें से चुने गए 30 फाइनलिस्ट्स को अपने अभूतपूर्व कार्यों को प्रदर्शित करने के लिए वाशिंगटन डीसी में स्थित वर्ल्ड जस्टिस फोरम में आमंत्रित किया गया था, जहां भारत के प्रमुख शहर मुंबई में रहने वाली एल्सा मैरी डिसिल्वा के एप ने इस प्रतियोगिता को जीता।

लैंगिक हिंसा पर बने भारत के एप ने जीता यह 'चैलेंज', डिसिल्वा हुई गदगद

यौन और लैंगिक हिंसा की घटनाओं से निपटने के लिए एक एप विकसित करने के लिए भारत के प्रमुख शहर मुंबई में रहने वाली एल्सा मैरी डिसिल्वा ने वर्ल्ड जस्टिस चैलेंज (World Justice Challenge) में जीत हासिल की है। वर्ल्ड जस्टिस चैलेंज एक वैश्विक प्रतियोगिता है। कानून के शासन को सुरक्षित करने और आगे बढ़ाने के लिए सही अभ्यासों और बड़े प्रभाव वाली परियोजनाओं व नीतियों को पहचान तथा प्रोत्साहन देती है।

इस प्रतियोगिता के लिए 118 देशों से 305 आवेदन आए थे। इनमें से चुने गए 30 फाइनलिस्ट्स को अपने अभूतपूर्व कार्यों को प्रदर्शित करने के लिए वाशिंगटन डीसी में स्थित वर्ल्ड जस्टिस फोरम (WJF) में आमंत्रित किया गया था। रेड डॉट फाउंडेशन (Red Dot Foundation) की संस्थापक डिसिल्वा को 'सेफसिटी' एप के लिए वर्ल्ड जस्टिस चैलेंज पुरस्कार प्रदान किया गया। सेफसिटी यौन व लैंगिक हिंसा को लेकर एक क्राउडमैप है। यह एक ऐसी सेवा है जो सार्वजनिक और निजी स्थानों पर हिंसा को रोकने के लिए समुदायों, नीतियों और स्थानीय सरकार की मदद करती है।

इस पुरस्कार के साथ विजेता को 20,000 डॉलर की राशि भी प्रदान की जाती है। डिसिल्वा को नीदरलैंड के द हेग में हुए एक समारोह में इस अवार्ड से सम्मानित किया गया। सेफसिटी एप की शुरुआत साल 2012 में भारत की राजधानी नई दिल्ली में हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद हुई थी। इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इसके रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म क्राउडमैप में सामुदायिक यौन उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर बिना किसी के नाम के डाटा उपलब्ध कराया जाता है।

डिसिल्वा के अलावा चार अन्य लोगों को अपनी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ स्थानीय पहलों के लिए सम्मानित किया गया। ये सम्मान एक्सेस टू जस्टिस, एंटी करप्शन एंड ओपन गवर्नमेंट, डाटा फॉर जस्टिस और एलुम्नाई वोट की थीम पर थे। इनका चयन इस प्रतियोगिता के पूर्व के विजेताओं और फाइनलिस्ट्स प्रतिभागियों ने किया।

इस मौके पर वर्ल्ड जस्टिस प्रोजेक्ट के सीईओ और सह संस्थापक बिल न्यूकोम ने एक बयान में कहा कि कानून के शासन पर इस समय पूरी दुनिया में हमले हो रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप लोगों को बहुत कष्ट उठाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम इस साल के विजेताओं की सराहना करते हैं और उम्मीद करते हैं कि वह इसी तरह समाज के लिए काम करते रहेंगे।