तिलिस्मी है राज मुखर्जी की जीवन-गाथा, एक बार फिर न्यू जर्सी से चुनावी मैदान में

मुखर्जी 17 साल की उम्र में अमेरिकी नौसेना में शामिल हो गए। इसके बाद 19 साल की उम्र में उन्होंने राज्य की तीसरी सबसे बड़ी वकील-लॉबी की कंपनी बनाई और स्टेट हाउस की आंतरिक कार्यवाहियों को सीखा। मुखर्जी ने न्यूजर्सी में मौत की सजा खत्म करके उसकी जगह बिना पेरोल के उम्रकैद लगाने की वकालत की।

तिलिस्मी है राज मुखर्जी की जीवन-गाथा, एक बार फिर न्यू जर्सी से चुनावी मैदान में

भारतीय मूल के अमेरिकी और डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार राज मुखर्जी ने न्यू जर्सी के स्टेट असेंबली चुनावों में जब जीत हासिल की थी तो उनकी उम्र महज 29 साल थी। अब राज मुखर्जी अगले साल होने वाले चुनाव के लिए न्यू जर्सी सीट से मैदान में होंगे। पार्टी के कई हस्तियों ने राज के प्रति समर्थन जताया है। 37 साल के राज मुखर्जी असेंबली की न्यायिक कमेटी के चेयरमैन हैं। वर्ष 1985 में भारत के कोलकाता में जन्मे राज मुखर्जी महज तीन साल की उम्र में ही अपने माता-पिता के साथ अमेरिका आए थे। कामयाबी की इस बुलंदी को छूना इतना आसान भी नहीं था। लेकिन आज वह जिस मुकाम पर हैं उसके लिए उन्होंने अपने दम पर बहुत संघर्ष किया है।

अमेरिका में रहने वाले उनके माता-पिता को आर्थिक तंगी के कारण भारत लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा था। उस समय राज मुखर्जी की उम्र 15 साल थी और वह अमेरिका में ही रुक गए।

इस मौके पर राज मुखर्जी ने कहा कि बेटे लियो और नवजात बेटी लियाना के उज्जवल भविष्य हासिल करने के लक्ष्य ने राज्य के लिए लड़ते रहने के मेरे संकल्प को मजबूत किया है। जर्सी के पूर्व मेयर मुखर्जी ने कहा कि मैं लोगों से विनम्रता के साथ आग्रह करता हूं कि वे एक बार फिर मुझे मौका दें। बता दें कि अमेरिका में रहने वाले उनके माता-पिता को आर्थिक तंगी के कारण भारत लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा था। उस समय राज मुखर्जी की उम्र 15 साल थी और वह अमेरिका में ही रुक गए। उन्होंने पढ़ाई के साथ काम शुरू किया। मुखर्जी ने अपने मिडिल स्कूल की पढ़ाई के दौरान एक इंटरनेट कंसल्टिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी भी खोली थी, जिसे बाद में उन्होंने एक बड़ी तकनीकी कंपनी को बेच दिया।