भारत विरोधी प्रस्ताव पर IAMC ने अमेरिकी-मुस्लिम महिला सांसद को सराहा

यह प्रस्ताव अमेरिकी सांसद रशीदा तालिब और जुआन वर्गास द्वारा सह-प्रायोजित है। इस प्रस्ताव में स्टेट डिपार्टमेंट से USCIRF की सिफारिशों पर कार्रवाई करने और भारत को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत विशेष चिंता वाले देश (CPC) के रूप में नामित करने का आग्रह किया गया है।

भारत विरोधी प्रस्ताव पर IAMC ने अमेरिकी-मुस्लिम महिला सांसद को सराहा

मुसलमानों ​के खिलाफ कथित मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में महिला कांग्रेसी (सांसद) इल्हान उमर द्वारा भारत की निंदा का प्रस्ताव लाया गया था। इस प्रस्ताव को भारतीय अमेरिकी मुस्लिम निकाय ने अपना समर्थन दिया है और इल्हान उमर की प्रशंसा भी की है।

यह प्रस्ताव अमेरिकी सांसद रशीदा तालिब और जुआन वर्गास द्वारा सह-प्रायोजित है। इस प्रस्ताव में स्टेट डिपार्टमेंट से USCIRF की सिफारिशों पर कार्रवाई करने और भारत को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत विशेष चिंता वाले देश (CPC) के रूप में नामित करने का आग्रह किया गया है। हालांकि USCIRF की सिफारिशें स्टेट डिपार्टमेंट के लिए बाध्यकारी नहीं हैं और पिछले कई वर्षों से लगातार अमेरिकी प्रशासन ने इस संबंध में इसकी सिफारिशों की अनदेखी की है।

दूसरी ओर इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (IAMC) ने उमर और उनके दो कांग्रेसी सहयोगियों की इस सप्ताह की शुरुआत में सदन में इस संबंध में प्रस्ताव पेश करने की सराहना की। IAMC के अध्यक्ष सैयद अफजल अली ने कहा कि यह देखना वास्तव में दुखद है कि हम देश को प्यार करते हैं, लेकिन वे भेदभाव करते हैं और देश के सबसे कमजोर नागरिकों का अपराधीकरण करते हैं और कट्टरता, असहिष्णुता और सत्तावाद के रास्ते पर चलते हैं।

हालांकि अमेरिकी कांग्रेसी उमर के सह-प्रायोजित होने के चलते इस प्रस्ताव को भारत विरोधी बताया जा रहा है। दरअसल उमर भारत के मुद्दे पर पाकिस्तानी अधिकारियों का खुलकर समर्थन करती हैं। उमर ने पिछले अप्रैल पाकिस्तान का दौरा किया था और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान सहित शीर्ष पाकिस्तानी नेताओं से मुलाकात की थी। इतना ही नहीं पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की यात्रा की थी।

वहीं भारत ने अमेरिकी कांग्रेस महिला की पीओके यात्रा की निंदा करते हुए कहा था कि इस क्षेत्र की उनकी यात्रा ने देश की संप्रभुता का उल्लंघन किया है और यह उनकी संकीर्ण मानसिकता की राजनीति को दर्शाता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि अगर ऐसी राजनेता घर पर अपनी संकीर्ण मानसिकता की राजनीति करना चाहती है तो यह उनका व्यवसाय हो सकता है। लेकिन हमारी क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का उल्लंघन करना इसे हमारा बना देता है। यह यात्रा निंदनीय है।