भारतीय-अमेरिकी गणितज्ञ ने हल की 1959 की प्रसिद्ध समस्या, पुरस्कार भी पाया

श्रीवास्तव, मार्कस और स्पीलमैन ने काडिसन-सिंगर समस्या और रामानुजन ग्राफ पर लंबे समय से चले आ रहे प्रश्नों को न सिर्फ हल किया बल्कि इस प्रक्रिया में लीनियर एलजेब्रा, पॉलीनॉमियल्स की ज्योमेट्री और ग्राफ सिद्धांतों के बीच एक गहरे नए संबंध का खुलासा भी किया।

भारतीय-अमेरिकी गणितज्ञ ने हल की 1959 की प्रसिद्ध समस्या, पुरस्कार भी पाया
निखिल का जन्म भारत की नई दिल्ली में हुआ था

जाने-माने भारतीय-अमेरिकी गणितज्ञ निखिल श्रीवास्तव को अमेरिकन मैथमैटिकल सोसाइटी (AMS) द्वारा 1995 की प्रसिद्ध कैडिसन-सिंगर समस्या और रामानुजन ग्राफ हल करने के लिए ऑपरेटर थ्योरी में संयुक्त रूप से सिप्रियन फोयस पुरस्कार के लिए चुना गया है।

निखिल के साथ दो अन्य गणितज्ञ जिन्हें इस पुरस्कार से नवाजा जाएगा, वह हैं एडम मार्कस और डेनियल स्पीलमैन

यह पुरस्कार उन गणितज्ञों के अत्यधिक मूल कार्य को मान्यता देता है जिन्होंने मैट्रिसेस की विशेषता को समझने के लिए विधियों को पेश किया और विकसित किया हो। निखिल वर्तमान में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले में पढ़ाते हैं।