IIT कानपुर में पढ़ाई, 300 किताबें लिखीं, अब ओरेगन विवि की अध्यक्ष बनी जयति

64 साल की मूर्ति 2016 से यूसीएलए हेनरी सैमुअली स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड एप्लाइड साइंस में डीन के रूप में काम कर रही हैं। उच्च शिक्षा, इंजीनियरिंग शिक्षण, अनुसंधान, सेवा और विविधता को आगे बढ़ाने को लेकर उनकी प्रसिद्धि पूरे अमेरिका में है।

IIT कानपुर में पढ़ाई, 300 किताबें लिखीं, अब ओरेगन विवि की अध्यक्ष बनी जयति

अमेरिका स्थित ओरेगन विश्वविद्यालय की कमान भारतीय मूल की एक महिला को सौंपी गई है। भारतीय अमेरिकी जयति वाई मूर्ति को ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी का 16वां अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जयति आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं। संस्थान में उन्हें 2012 में एक प्रतिष्ठित पूर्व छात्र नामित किया गया था। इस साल 9 सितंबर से वह पदभार संभाल लेंगी। जयति पहली अश्वेत महिला होंगी जो सबसे बड़े सार्वजनिक विश्वविद्यालय का नेतृत्व करेंगी। उन्होंने बेकी जॉनसन की जगह ली है, जिन्होंने पिछले साल 1 मई से विश्वविद्यालय के अंतरिम अध्यक्ष के रूप में काम किया है।

जयति ने अपना करियर एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी में शुरू किया। जहां वह मैकेनिकल और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की सहायक प्रोफेसर थीं।

64 साल की मूर्ति 2016 से यूसीएलए हेनरी सैमुअली स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड एप्लाइड साइंस में डीन के रूप में काम कर रही हैं। उच्च शिक्षा, इंजीनियरिंग शिक्षण, अनुसंधान, सेवा और विविधता को आगे बढ़ाने को लेकर उनकी प्रसिद्धि पूरे अमेरिका में है। मूर्ति का कहना है कि विविधता, समानता और समावेश को आगे बढ़ाने पर मेरा दृढ़ भरोसा है। एक शिक्षक और प्रशासक के रूप में इस काम में जुटी हूं। यूसीएलए के इंजीनियरिंग स्कूल में पहली महिला डीन के तौर पर उन्होंने इंजीनियरिंग शिक्षा तक महिलाओं की पहुंच को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। वह लोगों की सहायता के लिए 330 मिलियन डॉलर से अधिक फंड जुटाने में मदद करने में भी सक्रिय रही हैं।

यूसीएलए में नियुक्ति से पहले जयति ऑस्टिन के टेक्सास विश्वविद्यालय में मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की अध्यक्ष थीं। इससे पहले, वह पर्ड्यू विश्वविद्यालय में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की प्रोफेसर थीं। पिट्सबर्ग में कार्नेगी मेलन विश्वविद्यालय में भी वह प्रोफेसर रह चुकी हैं। पर्ड्यू और टेक्सास विश्वविद्यालय में रहते हुए मूर्ति ने 2008 से 2014 तक सेंटर फॉर प्रेडिक्शन ऑफ रिलायबिलिटी, इंटीग्रिटी एंड सर्वाइवेबिलिटी ऑफ माइक्रोसिस्टम्स (PRISM) के निदेशक के रूप में काम किया। यह संस्था राष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा प्रशासन (NNSA) द्वारा समर्थित केंद्र है।

जयति ने अपना करियर एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी में शुरू किया। जहां वह मैकेनिकल और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की सहायक प्रोफेसर थीं। इसके बाद उन्होंने न्यू हैम्पशायर स्थित फ्लूएंट आईएनसी में काम किया। मूर्ति 330 से अधिक किताबें लिख चुकी हैं। उन्होंने मिनेसोटा विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री की है। इससे पहले भारत में आईआईटी कानपुर से स्नातक किया है।

जयति मूर्ति नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग की सदस्य हैं। इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग की फेलो, अमेरिकन सोसाइटी ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स (ASME) की फेलो हैं। उन्हें कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। उन्होंने डॉ. संजय माथुर से शादी की है जो एक एयरोस्पेस इंजीनियर हैं।

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