प्रतिभा से भरे 30 भारतवंशी बच्चों को मिलेगी US प्रेसिडेंशियल स्कॉलरशिप

जूही खानकारी, अनन्या कृष्णा और सिद्ध बाम्ब सहित 30 भारतवंशी बच्चों को लेखन, अकादमिक उपलब्धि, तकीनीक उत्कृष्टता, नेतृत्व क्षमता जैसे कई गुणों के कारण चुना गया है। राष्ट्रपति के आदेश के अनुसार, 2022 के प्रेसिडेंशियल स्कॉलरशिप में हरेक राज्य से एक छात्र और एक छात्रा का चुनाव हुआ है।

प्रतिभा से भरे 30 भारतवंशी बच्चों को मिलेगी US प्रेसिडेंशियल स्कॉलरशिप
भारतवंशी स्टूडेंट अनन्या और जूही (फोटो: लिंक्डइन)

अमेरिका में भारतीय मूल के 30 बच्चों ने अपने माता-पिता के साथ ही देश का नाम रोशन करने का काम किया है। ये भारतवंशी बच्चे हाई स्कूल के उन 161 बच्चों में शामिल हैं, जिन्हें 2022 यूएस प्रेसिडेंशियल स्कॉलर्स से सम्मानित किया जाना है। यूएस प्रेसिडेंशियल स्कॉलरशिप में भारतवंशी बच्चों को अलग-अलग क्षेत्रों में उनकी उपलब्धि के लिए चुना गया है।

जूही खानकारी

प्रेस को जारी बयान में शिक्षा मंत्री मिगुल कार्डोना ने कहा, 'हमारे 2022 प्रेसिडेंशियल स्कॉलर्स सर्वश्रेष्ठ अमेरिका का प्रतिनिधित्व करते हैं, और यह याद दिलाते हैं जब युवा शिक्षा से सशक्त हो तो वे कुछ भी हासिल कर सकते हैं। आज मैं राष्ट्रपति बाइडन के साथ विद्वानों के एक वर्ग का जश्न मना रहा हूं, जिनके ज्ञान की खोज, भावना की उदारता और असाधारण प्रतिभा हमारे देश को गौरवान्वित कर रही हैं।'

सिद्ध बाम्ब

हर साल अकादमिक उपलब्धि, तकनीकी उत्कृष्टता, नेतृत्व क्षमता सहित कई गुणों को देखते हुए बच्चों का चयन इस स्कॉलरशिप प्रोग्राम के लिए होता है। जूही खानकारी, अनन्या कृष्णा और सिद्ध बाम्ब सहित 30 भारतवंशी बच्चों ने इन पैमानों पर खरा उतरते हुए अपने लिए जगह बनाई है। उनकी इस उपलब्धि से उनके माता-पिता और भारत में उनके रिश्तेदारों में भी खुशी है।

राष्ट्रपति के आदेश के अनुसार, 2022 के प्रेसिडेंशियल स्कॉलरशिप में हरेक राज्य से एक छात्र और एक छात्रा का चुनाव हुआ है। इनमें से 20 का चुनाव कला और 20 का चुनाव करियर और टेक्निकल एजुकेशन के फील्ड से किया गया है। बता दें कि इस स्कॉलरशिप प्रोग्राम की शुरुआत 1964 में हुई थी और अब तक 7900 से अधिक प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को यह सम्मान हासिल हो चुका है।