इलिनोइस से भारतीय अमेरिकी कृष्णमूर्ति ने जीती प्राइमरी, अब आगे क्या?

कृष्णमूर्ति का कहना है कि वह कांग्रेस में मध्यम वर्ग के लिए, महिलाओं के प्रजनन अधिकारों के लिए और मुद्रास्फीति और गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ अपनी आवाज जारी रखेंगे। तीन बार के कांग्रेसी नेता राजा कृष्णमूर्ति का सामना 8 नवंबर को होने वाले आम चुनावों में रिपब्लिकन क्रिस डार्गिस से होगा।

इलिनोइस से भारतीय अमेरिकी कृष्णमूर्ति ने जीती प्राइमरी, अब आगे क्या?

भारतीय मूल के अमेरिकी कांग्रेसी राजा कृष्णमूर्ति ने निर्णायक जनादेश के साथ इलिनोइस से डेमोक्रेटिक प्राइमरी जीत ली है और अपने प्रतिद्वंद्वी जुनैद अहमद द्वारा चलाए जा रहे अत्यधिक सांप्रदायिक अभियान को सफलतापूर्वक पार करते हुए नवंबर में होने वाले चुनावों में अपनी जगह पक्की कर ली है।

राजा कृष्णमूर्ति इलिनोइस के आठवें कांग्रेसनल जिले में बहुत लोकप्रिय नेता हैं। कृष्णमूर्ति ने जुनैद अहमद को भारी मार्जिन 71 फीसदी से अधिक मतों से हराया है। कृष्णमूर्ति ने कहा कि मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं कि इलिनोइस के आठवें कांग्रेसनल जिले में डेमोक्रेटिक प्राथमिक मतदाताओं ने कांग्रेस के लिए मेरे फिर से चुनाव अभियान के समर्थन में भारी और निर्णायक रूप से मतदान किया।

उन्होंने कहा कि मेरे सहभागी शांति, प्रगति और समृद्धि चाहते हैं। मैं कांग्रेस में मध्यम वर्ग के लिए, महिलाओं के प्रजनन अधिकारों के लिए और मुद्रास्फीति और गैस की बढ़ती कीमतों के खिलाफ अपनी आवाज रखता रहूंगा। मैं आने वाले महत्वपूर्ण महीनों में इन मुद्दों को हल करने के लिए अथक प्रयास करना जारी रखूंगा। कृष्णमूर्ति ने कहा कि अब हमें नवंबर पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है, जहां हमारी मौलिक स्वतंत्रता और मानवाधिकार मतदान पर निर्भर है। बता दें कि तीन बार के कांग्रेसी नेता राजा कृष्णमूर्ति का सामना 8 नवंबर को होने वाले आम चुनावों में रिपब्लिकन क्रिस डार्गिस से होगा।

राजा कृष्णमूर्ति अमेरिकी कांग्रेस के चार भारतीय अमेरिकी कांग्रेस सदस्यों में से एक हैं। कृष्णमूर्ति का जन्म 1973 में नई दिल्ली में एक एक तमिल भाषी परिवार में हुआ था। जब उनकी उम्र मात्र तीन महीने थी तब उनका परिवार न्यूयॉर्क के बफेलो चला गया था ताकि उनके पिता स्नातक विद्यालय में पढ़ सकें। कृष्णमूर्ति के परिवार ने अमेरिका में कुछ शुरुआती वर्ष काफी कठिनाईयों में गुजारे हैं। 1980 में कृष्णमूर्ति का परिवार इलिनोइस के पियोरिया चला गया जहां उनके पिता ब्रैडली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बन गए। कृष्णमूर्ति ने पियोरिया के पब्लिक स्कूलों में पढ़ाई की और रिचवुड्स हाई स्कूल से अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की।