सिख अधिकारों पर आवाज बुलंद करने वाली सप्रीत को ‘न्यूयॉर्क केयर्स’ की कमान

यूएसए गर्ल स्काउट्स (GSUSA) में काम करने के अलावा सलूजा ‘न्यूयॉर्क केयर्स’ में कई अहम पदों पर काम कर चुकी हैं। इससे पहले वह मुख्य निधि विकास अधिकारी के रूप में रणनीति बनाने पर काम किया है। उन्होंने ऐसी रणनीतियों पर काम किया जिसने अमेरिका में लड़कियों और महिलाओं पर अपनी छाप छोड़ी।

सिख अधिकारों पर आवाज बुलंद करने वाली सप्रीत को ‘न्यूयॉर्क केयर्स’ की कमान

नागरिक अधिकारों के लिए काम करने वालीं भारतीय मूल की अमेरिकी नागरिक सप्रीत के सलूजा को स्वयंसेवी संस्था ‘न्यूयॉर्क केयर्स’ का कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है। सप्रीत अगले महीने की 16 तारीख को पदभार ग्रहण करेंगी। वह गैरी बागले की जगह लेंगी, जिन्होंने 13 से अधिक वर्षों तक कार्यकारी निदेशक के रूप में काम करने के बाद पद छोड़ दिया है।

यूएसए गर्ल स्काउट्स (GSUSA)  में काम करने के अलावा सलूजा ‘न्यूयॉर्क केयर्स’ में कई अहम पदों पर काम कर चुकी हैं। इससे पहले उन्होंने मुख्य निधि विकास अधिकारी के रूप में रणनीति बनाने पर काम किया है। उन्होंने यहां मुख्य रणनीतिक भागीदारी और स्वयंसेवी अधिकारी के रूप में भी काम किया है। न्यूयॉर्क केयर्स की तरफ से बताया गया है कि सप्रीत ने संस्था के लिए साझेदारी बनाने और धन संग्रह के प्रयासों को आगे बढ़ाया है। उन्होंने ऐसी रणनीतियों पर काम किया जिसने अमेरिका में लड़कियों और महिलाओं पर अपनी छाप छोड़ी।

नए पदभार मिलने पर सप्रीत ने कहा कि न्यूयॉर्क के सभी लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए काम करने वाले सबसे महत्वपूर्ण और अभिनव संगठनों में से एक संस्था में अहम पद मिलने पर वह संस्था की आभारी हैं। संस्था ने विशेष रूप से पिछले दो वर्षों के महामारी के दौरान तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी चमक को बिखेरा है।

इस संस्था से जुड़ने से पहले सप्रीत ‘द सिख गठबंधन’ संस्था की कार्यकारी निदेशक के तौर पर काम कर चुकी हैं। यह संगठन अमेरिका में सिख नागरिक अधिकारों के लिए काम करता है। वह ऐसी पहली महिला बनीं जिन्होंने सिख संगठन का नेतृत्व किया। अपनी इस भूमिका में उन्होंने सिखों को अपनी परंपरा का अभ्यास करने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए पूरे अमेरिका काम किया और स्वयंसेवकों को एक मंच पर लाने में कामयाब रहीं।

इससे पहले वह ‘टीच फॉर अमेरिका’ में प्रबंध निदेशक थीं, जहां उन्होंने शिक्षा में असमानता को दूर करने के उद्देश्य से अहम रणनीति पर काम किया। वह युगांडा और केन्या में यूनाइटेड स्टेट्स पीस कॉर्प्स के स्वयंसेवक के रूप में लगभग तीन साल तक काम कर चुकी हैं। उन्होंने. न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के लियोनार्ड एन. स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस से मार्केटिंग और इंटरनेशनल बिजनेस में डिग्री हासिल की है। इसके साथ ही वह डेसमंड टूटू पीस फाउंडेशन के निदेशक मंडल के सदस्य हैं।