मोदी सरकार के इस फैसले की भारतीय अमेरिकी ईसाई संगठन ने की निंदा

FIACONA बोर्ड के सदस्य जॉन मैथ्यू ने कहा कि अज्ञानता के कारण मौजूदा सरकार भारत में ईसाई धर्म को ब्रिटिश शासन का अवशेष मानती है। ईसाई धर्म को भारतीय उपमहाद्वीप में 52 ईस्वी में एपोस्टल थॉमस द्वारा पेश किया गया था।

मोदी सरकार के इस फैसले की भारतीय अमेरिकी ईसाई संगठन ने की निंदा

भारत सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस परेड से महात्मा गांधी के पसंदीदा भजन 'अबाइड विद मी' को हटाए जाने का एक भारतीय अमेरिकी संगठन ने विरोध किया है। द फेडरेशन ऑफ इंडियन अमेरिकन क्रिस्चियन आर्गेनाइजेशन (FIACONA) ने मोदी सरकार को हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी कहते हुए इस फैसले की निंदा की है। संगठन ने कहा कि यह भजन पिछले 73 वर्षों से हर साल भारतीय सेना बैंड द्वारा बजाया जाता रहा है।

FIACONA के अध्यक्ष कोशी जॉर्ज ने कहा कि मोदी सरकार का स्तर गिरता जा रहा है। 26 जनवरी के दिन होने वाली भारत की गणतंत्र दिवस परेड से भजन को हटाना यह जाहिर करता है कि मोदी सरकार ईसाई धर्म से मिलती-जुलती हर चीज के खिलाफ है। सरकार का यह फैसला मूर्खता और गहरी नफरत को दर्शाता है। हिंदुत्व पार्टी लंबे समय से यह तर्क दे रही है कि भारत को वास्तव में स्वतंत्र होने के लिए उसे औपनिवेशिक अतीत और इससे जुड़े सभी लोगों को छोड़ देना चाहिए, जिसमें ईसाई धर्म भी शामिल है।