पेरिस पुस्तक मेले में भारत मुख्य अतिथि, जाने-माने लेखकों का लगेगा जमावड़ा

मेले के मुख्य आकर्षण होंगे प्रख्यात लेखक जिनमें कई भारतीय और भारतीय मूल के नागरिक हैं। भारत के इतिहास, साहित्यिक रुझान, भारत के वैश्विक शहर और पर्यावरण सहित कई अन्य विषयों पर तीन दिनों तक चर्चा आयोजित की जाएगी।

पेरिस पुस्तक मेले में भारत मुख्य अतिथि, जाने-माने लेखकों का लगेगा जमावड़ा
भारत की साहित्य जगत की बड़ी हस्ती भी पहुंचेगी पेरिस (बाएं से संजीव सन्याल, शोभा नारायण और विकास स्वरूप) 

क्या आप फ्रांस में रहते हैं और भारतीय लेखकों के प्रशंसक हैं तो आपके लिए पेरिस पुस्तक मेला एक सुनहरा मौका हो सकता है, जब आपको अपने देश के लेखकों की चर्चा को लाइव देखने का मौका मिलेगा। कोविड महामारी ने दुनिया भर में साहित्य समागमों को प्रभावित किया और इसकी मार पेरिस पुस्तक मेले पर भी पड़ी लेकिन दो वर्षों के इंतजार के बाद पुस्तक प्रेमियों के लिए मेले का शुभारंभ  22 अप्रैल किया जा रहा है। इस मेले की विशेषता यह है कि इसमें भारत कंट्री ऑफ ऑनर यानी सम्मानित अतिथि होगा, वहीं भारत के कई प्रख्यात लेखक इसकी चर्चाओं में हिस्सा लेंगे।

फ्रांस में मौजूद भारतीय दूतावास ने इस संबंध में ट्वीट किया,  'फेस्टिवल डु लिवरे डे पेरिस के लिए उलटी गिनती शुरू हो गई है और अब बस दो दिन बचे हैं। इसमें भारत एक सम्मानित अतिथि होगा। 11 भाषाओं के 30 से अधिक लेखक इतिहास, समाज , विविधता और समकालीन मसले पर चर्चा करेंगे, इसके लिए तैयार रहें।'

भारत के स्वागत का हो रहा इंतजार

वहीं, फेस्टिवल डु लिवरे डे पेरिस की वेबसाइट ने भारत के नाम एक चिट्ठी प्रकाशित की है जिसमें आयोजकों ने लिखा है कि महामारी के कारण दो सालों तक कार्यक्रम स्थगित रहा और अब जब इसकी शुरुआत हो रही है हम भारत के सम्मानित अतिथि के रूप में स्वागत करने का इंतजार कर रहे हैं। यह भी जानकारी दी गई है कि अगले महीने दिल्ली में आयोजित होने जा रहे पुस्तक मेले में फ्रांस अतिथि होगा।

आयोजकों के मुताबिक, 'यह सिंडिकेट नेशनल डी एल'एडिशन और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के बीच घनिष्ठ और ठोस साझेदारी का प्रमाण है जिसे भारत में फ्रांसीसी दूतावास का समर्थन प्राप्त है।' आयोजकों ने भारतीयों और भारतीय मूल के नागरिकों से मेले में आने की अपील की है।

मेले में भारत के साहित्य और इतिहास पर भी होगी चर्चा

मेले के मुख्य आकर्षण होंगे प्रख्यात लेखक जिनमें कई भारतीय और भारतीय मूल के नागरिक हैं। भारत के इतिहास, साहित्यिक रुझान, भारत के वैश्विक शहर और पर्यावरण सहित कई अन्य विषयों पर तीन दिनों तक चर्चा आयोजित की जाएगी। इन चर्चाओं में नजर आएंगे भारतीय लेखक संजीव सान्याल, पेरुमल मुरुगन, गीतांजलि श्री, दीपक उन्नीकृष्णन, आंचल मल्होत्रा, संदीप रॉय, विजल वछराजनी, शोभा नारायण, पूर्व राजनायिक विकास स्वरूप, अनुराधा रॉय, कार्तिका नायर और मनु जोसफ। पुस्तक मेले में एंट्री बिल्कुल फ्री रखी गई है और अगर आप इनमें से किसी लेखक के प्रशंसक हैं तो फिर आपको यह मौका नहीं छोड़ना चाहिए।