ब्रिटेन पहुंचे भारतीय छात्रों को भी मिलेगी ओमिक्रॉन से बचाव की बूस्टर डोज

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने ओमिक्रॉन वेरिएंट के कारण लहर आने की चेतावनी दी है और दिसंबर के अंत तक यानी मात्र एक महीने के भीतर 18 वर्ष से अधिक उम्र के सभी नागरिकों को बूस्टर डोज देने का लक्ष्य रखा है।

ब्रिटेन पहुंचे भारतीय छात्रों को भी मिलेगी ओमिक्रॉन से बचाव की बूस्टर डोज
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ब्रिटेन में पढ़ाई के लिए पहुंचे भारतीय छात्रों को ब्रिटिश नागरिकों की तरह ही बूस्टर डोज ​दी जाएगी। ओमिक्रॉन वेरिएंट के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए ब्रिटिश नागरिकों को बूस्टर डोज देने का फैसला ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने हाल ही में लिया था जिसके बाद अब भारतीय छात्रों को भी वरियता देते हुए उन्हें बूस्टर डोज देने का एलान बोरिस ने किया है।

हालांकि यह बूस्टर डोज उन्हीं भारतीय छात्रों को दी जाएगी जिन्होंने एस्ट्राजेनेका की बनी कोविशील्ड वैक्सीन की दोनों डोज ली हुई है। बूस्टर डोज के लिए ऐसे छात्र वॉक-इन सेंटर जा सकेंगे, भले ही उनका वैक्सीन से जुड़ा डाटा ब्रिटेन के सिस्टम में दर्ज नहीं है। इन छात्रों को बूस्टर डोज के लिए यह साबित करना होगा कि उन्हें कोविशील्ड वैक्सीन की दोनों डोज लगी हुई हैं और दूसरी डोज लगे 14 दिन से अधिक समय का वक्त हो चुका है।