इंडोनेशिया के इस निर्णय से भारत में महंगा हो सकता है पाम ऑयल

विशेषज्ञों का कहना है कि पहले पाम तेल भारत में सबसे ज्यादा आयात किया जाने वाला खाद्य तेल था। लेकिन अब पाम तेल खरीदने का कोई लाभ नहीं है। पाम तेल की हाजिर कीमतें 2022 में 12 फीसदी से अधिक बढ़ कर 1228 रुपये प्रति 10 किलोग्राम तक पहुंच गईं।

इंडोनेशिया के इस निर्णय से भारत में महंगा हो सकता है पाम ऑयल
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वैश्विक पाम तेल की कीमतें रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचने से खाद्य तेल की कीमतों को कम करने की भारत सरकार की कोशिशों को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल पाम तेल के विश्व के सबसे बड़े उत्पादक इंडोनेशिया ने निर्यात प्रतिबंध लगा दिया है। इसकी नई नीति के अनुसार उत्पादकों को 10 फीसदी उत्पादन अपने देश में तय कीमतों पर ही बेचना होगा।

पिछले सप्ताह सरकार ने कुछ राज्यों में खाद्य तेलों और तिलहनों के स्टॉक की सीमा 30 जून तक बढ़ा दी थी। आयात शुल्क में कमी करने के साथ अन्य कदम भी उठाए गए हैं। इन कोशिशों के शुरुआत में परिणाम दिखे भी थे। लेकिन भारत अपने खाद्य तेल की कुल जरूरत का दो तिहाई हिस्सा आयात करता है। ऐसे में आयात शुल्क घटाने और अन्य मानकों से मिली राहत वैश्विक बाजार में तेल के दाम बढ़ने से कोई फायदा नहीं दे सकी। विशेषज्ञों का मानना है कि इंडोनेशिया का यह कदम भारत के लिए और मुश्किलें खड़ी करेगा।