'महाभारत के श्रीकृष्ण की तरह भारत ने यूक्रेन युद्ध रोकने के सभी प्रयास किए'

यूक्रेन में जो हो रहा है, उसकी तुलना महाभारत की परिस्थितियों से करते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि जीवन बहुत जटिल है और सभी विकल्प आसान नहीं हैं। भगवान कृष्ण की तरह भारत ने युद्ध को रोकने और बातचीत व कूटनीति के जरिए शांति की राह पर वापसी के लिए हर मुमकिन कोशिश की है।

'महाभारत के श्रीकृष्ण की तरह भारत ने यूक्रेन युद्ध रोकने के सभी प्रयास किए'

यूक्रेन पर हमले के बाद दुनिया के निशाने पर आए रूस से भारत के संबंधों को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यह बहुत ही जटिल मसला है, जहां तात्कालिक जरूरत इस बात की है कि दुश्मनी को बढ़ने से कैसे रोका जाए। यूक्रेन युद्ध में भारत की रणनीति की तुलना महाभारत में भगवान कृष्ण की रणनीति से करते हुए जयशंकर ने कहा कि श्रीकृष्ण ने युद्ध को रोकने के लिए जो भी उनके बस में था, वो सब कुछ किया, और यही दिल्ली का भी रुख है।

भारतीय विदेश मंत्री ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा कि रूस को लेकर भारत का फैसला बिल्कुल ठीक है। युद्ध की वजह से ऐतिहासिक और सामरिक हित दांव पर हैं। Photo by Ahmed Zalabany / Unsplash

भारतीय विदेश मंत्री ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा कि रूस को लेकर भारत का फैसला बिल्कुल ठीक है। युद्ध की वजह से ऐतिहासिक और सामरिक हित दांव पर हैं। ईंधन और खाद्य संकट बढ़ रहा है, ऐसे में भारत ने अपने नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए सही कदम उठाया है। भारत को वह करना होगा जो उसे अपने हितों की रक्षा के लिए करना है। जयशंकर ने आगे कहा कि भारत को अपने ऐतिहासिक और रणनीतिक हितों के साथ-साथ यूक्रेन संकट से पैदा हुए ईंधन, भोजन और उर्वरक की कमी जैसे बड़े मुद्दों का भी समाधान करना है। उन्होंने कहा कि जब किसी संघर्ष के कारण पूरी दुनिया के लोग बहुत गहराई तक प्रभावित होते हैं, तो वहां थोड़े ज्यादा समझदार और शांत आवाज की जरूरत होती है।

यूक्रेन में जो हो रहा है, उसकी तुलना महाभारत की परिस्थितियों से करते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि जीवन बहुत जटिल है और सभी विकल्प आसान नहीं हैं। भगवान कृष्ण की तरह भारत ने युद्ध को रोकने और बातचीत व कूटनीति के जरिए शांति की राह पर वापसी के लिए हर मुमकिन कोशिश की है। फरवरी में संकट शुरू होने के बाद से भारत ने ‘सही रास्ता’ अपनाया है। सबसे जरूरी मुद्दा, दुश्मनी को उस स्तर तक बढ़ने से रोकना है, जहां यह केवल नुकसान ही पहुंचाए।

दिल्ली विश्वविद्यालय में 'मोदी @20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी' पुस्तक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए विदेश मंत्री पैगंबर विवाद पर भी बोले। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की छवि बदलने, खाड़ी देशों के साथ संबंध सुधारने पर बहुत ध्यान दिया है, और बहुत से देशों ने भारत की स्थिति को स्वीकार भी किया है। उन्होंने कहा कि जो कुछ कहा गया, वह पार्टी के विचार नहीं थे।। कई देशों ने अपने राजदूतों के माध्यम से इस बात को उठाया। मुझे लगता है कि उन्होंने इस बात को स्वीकार कर लिया है।