संबंधों में 'मिठास' के लिए भारतीय रसोइयों व योग प्रशिक्षकों को खास वीजा देगा ऑस्ट्रेलिया

मंत्री डेन तेहन के मुताबिक 1000 दिन/एक साल का काम और अवकाश वीजा भारतीय युवाओं को ऑस्ट्रेलिया आने और इस देश को समझने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। दोनों देशों के बीच समझौतों को मील का पत्थर बताते हुए तेहन ने कहा कि इससे दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

संबंधों में 'मिठास' के लिए भारतीय रसोइयों व योग प्रशिक्षकों को खास वीजा देगा ऑस्ट्रेलिया

योग न सिर्फ अच्छे स्वास्थ्य और जन कल्याण की दिशा में दुनिया को एकजुट कर रहा है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है। कुछ दिनों पहले भारत और ऑस्ट्रेलिया ने एक दूसरे के साथ आर्थिक सहयोग और व्यापार को लेकर समझौता किया है। समझौते के तहत आने वाले समय में भारतीय रसोइया और योग प्रशिक्षकों के लिए नए अवसर खुलेंगे।

पर्यटन मंत्री डैन तेहन ने कहा कि हम भारतीय रसोइयों और योग शिक्षकों के लिए विशेष वीजा व्यवस्था पर सहमत हुए हैं। 

ऑस्ट्रेलिया के संघीय व्यापार और पर्यटन मंत्री डैन तेहन का कहना है कि हम भारतीय रसोइयों और भारतीय योग शिक्षकों के लिए विशेष वीजा व्यवस्था पर सहमत हुए हैं। यह कौशल वीजा धाराओं के तहत दिया जाएगा। चार महीने के भीतर इस पर काम किया जाएगा।

मंत्री डेन तेहन के मुताबिक 1000 दिन/एक साल का काम और अवकाश वीजा भारतीय युवाओं को ऑस्ट्रेलिया आने और इस देश को समझने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम है। यह वीजा 31 वर्ष से कम आयु के भारतीय युवाओं को आतिथ्य, खेत और रिसॉर्ट द्वीप क्षेत्रों में काम करने और ऑस्ट्रेलिया में रहने की सुविधा देगा। तेहन ने कहा, इससे कार्यबल की जरूरतों में योगदान मिलने के साथ ही ऑस्ट्रेलिया के पर्यटन उद्योग को कोविड-19 से उबरने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे ऑस्ट्रेलिया में आईटी से जुड़े काम को बढ़ावा मिलेगा।

भारतीय रसोइयों और भारतीय योग शिक्षकों यह कौशल वीजा धाराओं के तहत दिया जाएगा।

दोनों देशों के बीच समझौतों को मील का पत्थर बताते हुए तेहन ने कहा कि इससे दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इतने कम समय में इतने महत्वपूर्ण समझौते पर सहमति बनना दिखाता है कि दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास मजबूत है। ये दोनों देशों के बीच मित्रता का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। ये समझौता हमारे बीच छात्रों, प्रोफेशनल और पर्यटकों का आदान-प्रदान आसान बनाएगा। इससे दोनों देशों के बीच संबंध और मजबूत होंगे।