सिखों की हत्या पर जांच एजेंसियों के निष्कर्ष से संतुष्ट नहीं सिख संगठन

सिख संगठन की ओर से लीगल डायरेक्टर अर्मित कौर ने कहा, "भले ही कानून प्रवर्तन ने कह दिया कि जांच खत्म हो गई है, लेकिन उनके लिए ये सभी सवाल हमेशा बने रहेंगे, जिन्होंने नफरत की हिंसा में अपने प्रियजनों को खो दिया।

सिखों की हत्या पर जांच एजेंसियों के निष्कर्ष से संतुष्ट नहीं सिख संगठन
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इंडियानापोलिस में 8 मासूम लोगों को गोलियों से भून देने के मामले में आई जांच पर इंडियाना में मौजूद ​'द सिख कोएलिशन' ने आपत्ति जाहिर की है। संगठन का कहना है कि पुलिस ने गोलाबारी की असली वजह पर ठीक से जांच नहीं की है। दरअसल, 15 अप्रैल को इंडियानापोलिस में मौजूद फेडेक्स कंपनी में 18 वर्षीय बंदूकधारी ने 8 लोगों को गोलियों से भून दिया था, जिसमें 4 सिख थे। हालांकि, बाद में बंदूकधारी ने खुद को भी गोली मारकर जान दे दी थी।  

सिख गठबंधन ने कहा कि संगठन इंडियानापोलिस सिख समुदाय का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

इस मामले की जांच करने के बाद 28 जुलाई के दिन इंडियानापोलिस मेट्रो पुलिस विभाग (आईएमपीडी) और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की थी। आईएमपीडी के उप प्रमुख कग्रेग मेकार्ट का कहना था कि जांच में उपलब्ध हुई सभी जानकारी की समीक्षा की गई है। एफबीआई स्पेशल एजेंट इन चार्ज पॉल कीनन के अनुसार, अधिकारियों ने निर्धारित किया है कि 15 अप्रैल को 18 साल के लड़के द्वारा की गई गोलीबारी मात्र एक सुसाइड करने का जरिया था। उस हमले के पीछे हमलावर कोई विशेष विचारधारा से प्रेरित नहीं था।