मेडिकल छात्रों की मदद के लिए यूक्रेन के पड़ोसी देशों से बात कर रहा भारत

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा है कि युद्धग्रस्त देश यूक्रेन से लौटे भारतीय मेडिकल छात्रों की मदद के लिए संबंधित विभाग की ओर से देश में किए जा रहे प्रयासों से अलग विदेश मंत्रालय भी यूक्रेन के पड़ोसी देशों के साथ बातचीत कर रहा है।

मेडिकल छात्रों की मदद के लिए यूक्रेन के पड़ोसी देशों से बात कर रहा भारत

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के चलते यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे भारत के मेडिकल छात्रों की पढ़ाई जारी रखने के संबंध में यूक्रेन के पड़ोसी देशों से बातचीत जारी है। 24 फरवरी को रूस ने हमले की शुरुआत की थी। इसके चलते भारतीय छात्रों को देश छोड़ना पड़ा था।

गुजरात के वडोदरा में जयशंकर ने हाल में मीडिया से बात करते हुए कहा कि हंगरी की सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह अधिक से अधिक भारतीय छात्रों को समायोजित करने की कोशिश करेगी।

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हंगरी सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह अधिक से अधिक भारतीय छात्रों को समायोजित करने की कोशिश करेगी। Photo by jesse orrico / Unsplash

जयशंकर ने कहा कि युद्धग्रस्त देश यूक्रेन से लौटे भारतीय मेडिकल छात्रों की मदद के लिए संबंधित विभाग की ओर से देश में किए जा रहे प्रयासों से अलग विदेश मंत्रालय भी यूक्रेन के पड़ोसी देशों के साथ बातचीत कर रहा है। ऐसा यह पता लगाने के लिए किया जा रहा है कि क्या ऐसे छात्रों को उनके विश्वविद्यालयों में प्रवेश दिया जा सकता है।

विदेश मंत्री ने कहा कि हाल ही में भारत यात्रा पर आए हंगरी के विदेश मंत्री ने मुझे बताया था कि करीब 1250 भारतीय छात्रों ने उनके देश के विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए आवेदन किया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि हंगरी ज्यादा से ज्यादा भारतीय छात्रों को समायोजित करने की कोशिश करेगा।

जयशंकर वडोदरा में एक कार्यक्रम में भाग लेने आए थे। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ‘पीएम केयर्स’ के तहत ऐसे बच्चों के लिए सहायता जारी की थी जिन्होंने कोविड महामारी में अपने माता-पिता या अभिभावकों को खो दिया है।