दो साल में 'सपनों का आशियाना' खरीदना चाहते हैं भारत के 67% रईस

यह सर्वे ओमिक्रॉन लहर के आने के पहले किया गया था। सर्वे में शामिल 65 फीसदी लोगों का मानना है कोरोना की वजह से वर्क फ्रॉम होम की संस्कृति विकसित हुई है। ऐसे में ऑफिस में जाकर काम करने की जरूरत नहीं होगी।

दो साल में 'सपनों का आशियाना' खरीदना चाहते हैं भारत के 67% रईस
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भारत के पूंजीपतियों में 67 फीसदी ऐसे हैं जो आने वाले दो साल में आलीशान प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं। इंडिया सोथेबी इंटरनेशनल रियलटी की तरफ से किए गए एक सर्वे में यह खुलासा सामने आया है। यह सर्वे करीब 200 ऊंची पूंजी वाले समूहों के बीच किया गया है। सर्वे से पता चलता है कि भारत के शीर्ष आठ शहरों, दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, चेन्नई और गोवा में ये प्रॉपर्टी खरीदने के इच्छुक हैं।

सर्वे के मुताबिक ये रईस आवासीय भवनों में 10 से 25 करोड़ का मकान खरीदना चाहते हैं। सर्वे में शामिल 34 फीसदी अमीरों का कहना है कि वे बड़े अपार्टमेंट में रहना पसंद करेंगे। इसके साथ ही 29 फीसदी का कहना है कि वे 5 से 10 करोड़ का ऐसा घर खरीदना चाहते हैं, जहां वे अपनी छुट्टियों को आराम से बिता सकें। करीब 29 फीसदी अमीर घर खरीदने के लिए 10 करोड़ से अधिक खर्च करने को तैयार हैं। सर्वे में शामिल 31 फीसदी अमीरों का कहना है कि उन्होंने पिछले 18 महीनों में निवेश के बेहतर अवसर को देखते हुए घर खरीदने का फैसला किया है। वहीं, 46 फीसदी अमीरों का कहना है कि कोरोना महामारी की वजह से जीवन-शैली काफी बदल गई है, इसलिए वे बेहतर घर खरीदना चाहते हैं। सर्वे में शामिल 76 फीसदी अमीरों ने कहा कि वे इसी साल घर खरीदेंगे।