इलिनोइस के लेक काउंटी मंदिर में आए नन्हे-नन्हे कान्हा, हुई पूजा-अर्चना

मंदिर के प्रवेश द्वार पर मंदिर के पुजारी द्वारा सभी वैदिक अनुष्ठानों और मंत्रों के साथ नन्हे कृष्ण का स्वागत किया गया।

इलिनोइस के लेक काउंटी मंदिर में आए नन्हे-नन्हे कान्हा, हुई पूजा-अर्चना

इलिनोइस के लेक काउंटी के मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। कृष्ण जन्माष्टमी को कृष्णाष्टमी या गोकुलाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। इस अवसर पर मंदिर को कटआउट से सजाया गया था जिसमें भगवान कृष्ण के विभिन्न अवतारों और उनकी बचपन की लीलाओं को दर्शाया गया था। सैकड़ों भक्तों ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।

रात के 12 बजने से ठीक पहले "कृष्ण कृष्ण हरे कृष्ण" और "हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की" के नारे लगने शुरू हो गए एवं मंत्रों के बीच शिशु कृष्ण को उठा लिया गया।

कृष्णाष्टमी के अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के मद्देनजर मंदिर प्रबंधन ने कोविड संबंधित सभी सुरक्षा उपायों का पालन किया जैसे कि मास्क उपकरण, सामाजिक दूरी और सभी भक्तों के लिए निर्धारित समय का पालन करना सुनिश्चित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रायोजक के संकल्प मंत्र से हुई। बाद में, सभी वैदिक परंपराओं और मंत्रों के साथ श्री गणेश, श्री विष्णु और श्री कृष्ण अर्चना की गई।