पानी साफ कर पीने लायक बनाने वाला यह उपकरण क्या दुनिया में क्रांति लाएगा!

आईआईटी कानपुर के अनुसार दुनिया भर में अनुमानित 84.40 करोड़ लोगों के लिए स्वच्छ पेयजल की कमी को देखते हुए यह उपकरण समय की आवश्यकता है। यह उपकरण मात्र दो रुपये प्रति लीटर की कीमत पर शुद्ध पानी उपलब्ध कराता है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह उपकरण को चलाने के लिए बिजली की जरूरत नहीं है।

पानी साफ कर पीने लायक बनाने वाला यह उपकरण क्या दुनिया में क्रांति लाएगा!
Photo by Shridhar Vashistha / Unsplash

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर (IIT Kanpur) और अमेरिका के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) को एक वायर प्योरिफिकेशन डिवाइस (पानी साफ करने वाला उपकरण) के लिए संयुक्त भारतीय पेटेंट प्रदान किया गया है। यह उपकरण पानी को साफ करता है और उसकी गुणवत्ता पर नजर बनाए रखता है।

इस उपकरण को आईआईटी कानपुर में पृथ्वी विज्ञान विभाग के डॉ. इंद्र शेखर सेन और एमआईटी के शोधार्थियों ने विकसित किया है। इस उपकरण को 'A Vessel and a Method for Purifying Water and Monitoring Quality of Water' नाम दिया गया है। यह उपकरण काफी किफायती भी है।

यह कोई अपशिष्ट पानी नहीं छोड़ता है। इसका अर्थ है कि इसमें कोई रखरखाव की लागत भी नहीं आती है। Photo by Jonathan Chng / Unsplash

आईआईटी कानपुर की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि दुनिया भर में अनुमानित 84.40 करोड़ लोगों के लिए स्वच्छ पेयजल की कमी को देखते हुए यह उपकरण समय की आवश्यकता है। बयान में कहा गया कि हमारा उद्देश्य एक ऐसा उपकरण विकसित करना था जो पानी को साफ कर सके और साथ ही किफायती भी हो।

यह उपकरण मात्र दो रुपये प्रति लीटर की कीमत पर शुद्ध पानी उपलब्ध कराता है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह उपकरण को चलाने के लिए बिजली की जरूरत नहीं है और यह कोई अपशिष्ट पानी नहीं छोड़ता है। इसका अर्थ है कि इसमें कोई रखरखाव की लागत भी नहीं आती है।

यह एक ही चैनल से पानी को साफ करता है और जल गुणवत्ता पर निगरानी भी रखता है जो इसे अन्य प्योरिफाइंग उपकरणों से अलग बनाता है। इस उपकरण को पोर्टेबल ड्रिंकिंग वाटर के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है और साथ ही साथ ऐसे उद्योगों में भी लगाया जा सकता है जहां पर स्वच्छ पानी बहुत आवश्यक होता है।