ब्रिटेन में मिले सम्मान से भाव-विभोर हुए हरियाणवी लोक कलाकार महाबीर

महाबीर गुड्डू ने पुरस्कार मिलने के बाद मीडिया को बताया कि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने अपनी संस्कृति को पेश करना मेरे लिए हमेशा बहुत संतुष्टि का क्षण होता है। मैं इस सम्मान से खुश हूं जो मुझे यूके में बसे भारतीयों ने दिया है। गुड्डू 51 वर्षों से भी अधिक समय से मंच पर सक्रिय हैं।

ब्रिटेन में मिले सम्मान से भाव-विभोर हुए हरियाणवी लोक कलाकार महाबीर

जाने-माने हरियाणवी लोक कलाकार महाबीर गुड्डू को ब्रिटेन में 'हरियाणा गौरव' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। शिव गायन और कई अन्य लोक गीतों के लिए प्रसिद्ध हरियाणवी कलाकार महाबीर गुड्डू कॉन्फ्लुएंस फाउंडेशन के विशेष निमंत्रण पर ब्रिटेन गए थे।

ब्रिटिश संसद में हाउस ऑफ लॉर्ड्स में कॉन्फ्लुएंस फाउंडेशन पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया था पिछले दिनों हुए इस कार्यक्रम में महाबीर गुड्डू ने ब्रिटेन के सांसदों और व्यापारिक नेताओं सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में अपनी प्रसिद्ध रचनाओं का प्रदर्शन किया। महाबीर गुड्डू ने हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य राजिंदर पॉल लूंबा को खिंडका (हरियाणवी शैली की पगड़ी) और उनकी पत्नी को एक चुंदरी (दुपट्टा) भेंट की।

महाबीर गुड्डू हरियाणा के सबसे प्रसिद्ध समकालीन कलाकारों में से एक हैं। 

महाबीर गुड्डू ने पुरस्कार मिलने के बाद मीडिया को बताया कि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने अपनी संस्कृति को पेश करना मेरे लिए हमेशा बहुत संतुष्टि का क्षण होता है। मैं इस सम्मान से खुश हूं जो मुझे यूके में बसे भारतीयों ने दिया है। महाबीर गुड्डू हरियाणा के सबसे प्रसिद्ध समकालीन कलाकारों में से एक हैं। उन्होंने कई लोकप्रिय गीतों और भजनों की रचना की है। हरियाणवी आध्यात्मिक गायन में अग्रणी गुड्डू 51 वर्षों से भी अधिक समय से मंच पर सक्रिय हैं।

महाबीर बताते हैं कि उनकी शुरुआत काफी धीमी हुई थी। मैं स्कूल जाने के लिए हर दिन कुछ किलोमीटर पैदल चलता था क्योंकि उन दिनों हमारे पास संसाधन नहीं थे। मैं पढ़ना चाहता था। जब मैं कॉलेज में था, लड़के दमन (हरियाणवी स्कर्ट) पहनकर नृत्य करते थे। मैं धोती और कुर्ता में नृत्य करने वाला पहला कलाकार था और अब संस्थान इस नृत्य के लिए विशेष प्रतियोगिताएं आयोजित करते हैं।

महाबीर ने बताया कि अगर कोई कलाकार अपनी संस्कृति का सम्मान करता है तो संस्कृति उसे कभी खाली पेट सोने नहीं देगी। इसलिए मैं ईमानदारी से प्रदर्शन करने में दृढ़ विश्वास रखता हूं। ऐसा इसलिए है क्योंकि मैं अपनी संस्कृति की सेवा करने में विश्वास करता हूं और मैं इसका जीता-जागता सबूत हूं कि अगर आप अपनी संस्कृति की सेवा करते हैं तो यह आपको हमेशा अवसर देती है।