न्यूयॉर्क के फेडरल बैंक ने इसलिए डायरेक्टर बनाया अरविंद कृष्णा को

फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ न्यूयॉर्क अमेरिकी आर्थिक और वित्तीय प्रणालियों की सुरक्षा, सुदृढ़ता और जीवन शक्ति को बढ़ावा देने के लिए फेडरल रिजर्व सिस्टम और अन्य सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संस्थानों के साथ काम करता है।

न्यूयॉर्क के फेडरल बैंक ने इसलिए डायरेक्टर बनाया अरविंद कृष्णा को

आईबीएम के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरविंद कृष्णा को फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ न्यूयॉर्क के निदेशक मंडल के लिए चुना गया है। फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ न्यूयॉर्क ने घोषणा की है कि 60 वर्षीय कृष्णा को क्लास बी के निदेशक के रूप में चुना गया है। न्यूयॉर्क फेड ने एक बयान में कहा कि अरविंद कृष्ण 31 दिसंबर 2023 को रिटायर होने वाले हैं। उनके समाप्त होने वाले तीन साल के कार्यकाल के शेष हिस्से के लिए उन्हें यह​ जिम्मेदारी दी गई है।

बयान में कहा गया है कि अपनी वर्तमान और पूर्व भूमिकाओं में कृष्णा ने आईबीएम के लिए क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन और क्वांटम कंप्यूटिंग में नए बाजारों के निर्माण और विस्तार का नेतृत्व किया है। उन्होंने इन उभरती प्रौद्योगिकियों के आधार पर नवीन आईबीएम उत्पादों और समाधानों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अरविंद कृष्णा ने आईबीएम रिसर्च का भी नेतृत्व किया था और आईबीएम सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप के विकास और निर्माण संगठन के भी महाप्रबंधक थे। Photo by Carson Masterson / Unsplash

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर से स्नातक की डिग्री लेने के बाद अरविंद कृष्णा ने इलिनोइस विश्वविद्यालय से पीएचडी है। कृष्णा पहले क्लाउड और कॉग्निटिव सॉफ्टवेयर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष थे। उन्होंने आईबीएम रिसर्च का भी नेतृत्व किया था और आईबीएम सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप के विकास और निर्माण संगठन के भी महाप्रबंधक थे।

बता दें कि फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ न्यूयॉर्क अमेरिकी आर्थिक और वित्तीय प्रणालियों की सुरक्षा, सुदृढ़ता और जीवन शक्ति को बढ़ावा देने के लिए फेडरल रिजर्व सिस्टम और अन्य सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संस्थानों के साथ काम करता है। यह 12 क्षेत्रीय रिजर्व बैंकों में से एक है जो वाशिंगटन डीसी में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के साथ मिलकर फेडरल रिजर्व सिस्टम बनाते हैं। न्यूयॉर्क फेड 1913 में अमेरिकी कांग्रेस द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका के केंद्रीय बैंक के रूप में सेवा करने के लिए बनाई गई एक स्वतंत्र सरकारी इकाई है।

बयान में कहा गया है कि प्रत्येक रिजर्व बैंक में नौ निदेशक होते हैं जो अपने रिजर्व जिले के हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं और जिनका अनुभव रिजर्व बैंकों को व्यापक विशेषज्ञता देना है जो उन्हें अपनी नीति और परिचालन जिम्मेदारियों को पूरा करने में मदद करता है। प्रत्येक रिजर्व बैंक के नौ निदेशकों को वर्गीकरण द्वारा समान रूप से विभाजित किया जाता है। इसमें तीन क्लास ए निदेशक जिले में सदस्य बैंकों का प्रतिनिधित्व करते हैं। जबकि तीन क्लास बी निदेशक और क्लास सी निदेशक जनता के हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं।