कश्मीरी टीचर ने बनाई खास कार, कहा- मदद मिलती तो मस्क बन जाता!

इस कार को कश्मीर घाटी की पहली सोलर कार कहा जा रहा है। बिलाल ने बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए मैंने इस कार में ऐसे सोलर पैनल्स का इस्तेमाल किया है जो कम धूप वाले दिनों में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं और कार को जल्दी चार्ज कर सकते हैं।

कश्मीरी टीचर ने बनाई खास कार, कहा- मदद मिलती तो मस्क बन जाता!
photo : www.euronews.com

भारत का एक व्यक्ति सौर ऊर्जा (Solar Power) से चलने वाली एक कार का निर्माण करने के बाद वायरल हो गया है। कश्मीर के श्रीनगर में गणित के शिक्षक बिलाल अहमद ने 11 साल में अकेले इस कार को तैयार किया है। उन्होंने एक ऐसी लग्जरियस और सस्टेनेबल वाहन का निर्माण करने का लक्ष्य तय किया था जो आम आदमी की पहुंच में भी हो।

लगातार बढ़ती ईंधन की कीमतों ने भी बिलाल के अविष्कार की अहमियत को बढ़ा दिया है। दिग्गज इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला की भारत में गैरमौजूदगी जारी है और सोलर पैनल से लैस डिजाइन को लेकर कारों के शौकीनों के बीच उत्साह देखने को मिल रहा है।

बिलाल अहमद का कहना है कि मर्सिडीज, फेरारी और बीएमडब्ल्यू जैसी कारें आम आदमी के लिए एक सपने की तरह हैं। केवल कुछ लोग ही इन्हें खरीद सकते हैं और बाकी लोगों के लिए ऐसी कारें खरीदना और उनमें सफर करना सपना ही रह जाता है। बिलाल कहते हैं कि मैंने यह सोचा था कि आम आदमी को भी इस तरह का अनुभव जरूर मिलना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि इस कार को कश्मीर घाटी की पहली सोलर कार कहा जा रहा है। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर भारत के सबसे ठंडे इलाकों में से एक है। बिलाल ने बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए मैंने इस कार में ऐसे सोलर पैनल्स का इस्तेमाल किया है जो कम धूप वाले दिनों में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं और कार को जल्दी चार्ज कर सकते हैं।

खास बात यह है कि अहमद के पास इस कार का निर्माण करने के लिए बाहर से कोई आर्थिक मदद नहीं थी। दो बच्चों के पिता बिलाल ने फुली ऑटोमेटिक कार बनाने के लिए 15 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च की है। इसके लिए उन्होंने कई 1950 की दशक की कारों के मॉडल्स का अध्ययन किया था और अन्य विशेषज्ञों से संपर्क कर उनकी राय भी ली थी।

बिलाल अहमद कहते हैं कि जब मैंने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी न तो तब मुझे कोई आर्थिक मदद मिली थी और अब जब यह पूरा हो गया है तो भी वही हाल है। अगर मुझे जरूरी सहयोग मिलता तो शायद मैं भारत का 'एलन मस्क' होता। बता दें कि एलन मस्क इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला के प्रमुख और दुनिया के सबसे अमीर शख्स हैं।