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चुनावी अभियान में उठा मुद्दा, ऑस्ट्रेलिया के अहम पदों पर अभी विविधता नहीं

पीटर खलील ने कहा कि दक्षिण एशियाई समुदाय मेरे निर्वाचन क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा हैं। नेपाली एक बहुत बड़ा समुदाय है। भारतीय, पाकिस्तानी और बांग्लादेशी के लिए कई मुद्दे हैं। इनमें वीजा सबसे अहम है। दक्षिण एशियाई समुदायों के छात्र ऑस्ट्रेलिया के साथ संबंधों का एक महत्वपूर्ण तत्व हैं।

ऑस्ट्रेलिया में 21 मई को संघीय चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में हर उम्मीदवार और दल मतदाताओं से संपर्क बनाने की कोशिश में जी जान से जुटे हैं। ऑस्ट्रेलिया के विल्स के संसद सदस्य और लेबर पार्टी के उम्मीदवार हैं पीटर खलील। 23 अप्रैल को ब्रंसविक वेस्ट में एस्टोनियाई हाउस में फ्रेंड्स ऑफ नेपाल की तरफ से आयोजित अपने संघीय चुनाव अभियान के लिए वह एक रात्रिभोज में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में विविध क्षेत्रों में अहम पदों पर दूसरे देशों से आकर बसे लोगों की कमी का मुद्दा उठाया।

पीटर खलील ने इस दौरान गठबंधन सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि 1970 में उनके माता पिता मिश्र से ऑस्ट्रेलिया आए थे। उन्होंने कहा कि पिछली लेबर सरकारों ने किफायती सार्वजनिक आवास, सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जैसी जीवन बदलने वाली नीतियां दी थीं, जिससे उनके परिवार को सफल होने में मदद मिली। अब वे अन्य प्रवासियों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण एशियाई समुदायों के छात्र ऑस्ट्रेलिया के साथ संबंधों का एक महत्वपूर्ण तत्व हैं। हालांकि, कई अन्य क्षेत्रों में विकास की संभावना है। बहुसांस्कृतिक मामलों के मंत्री एंड्रयू जाइल्स भी इस दौरान मौजूद थे। उन्होंने समुदायों को नफरत और विभाजन के बीज बोने वाली ताकतों के खिलाफ चेतावनी दी।

ऑस्ट्रेलियाई नेपाली समुदाय के अध्यक्ष राजेश आचार्य। 

ऑस्ट्रेलियाई नेपाली समुदाय के अध्यक्ष राजेश आचार्य और एमएलसी एनवर एर्दोगन ने भी इस कार्यक्रम में विचार रखे। पीटर खलील ने कहा कि दक्षिण एशियाई समुदाय मेरे निर्वाचन क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा हैं। नेपाली एक बहुत बड़ा समुदाय है। भारतीय, पाकिस्तानी और बांग्लादेशी के लिए कई मुद्दे हैं। इनमें वीजा सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि अगर हम जीतते हैं तो सरकार को वास्तव में दक्षिण एशियाई समुदायों के लिए इन सभी प्रक्रियाओं को तेज करना होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा, सेवाओं तक पहुंच, छोटे व्यवसायों को शुरू करने के लिए समर्थन जैसे मुद्दे भी हैं। एक प्रवासी के रूप में मैं जानता हूं कि प्रवासियों ने सफल जीवन के लिए कड़ी मेहनत की है। वास्तव में मैं उनका प्रतिनिधित्व करने में सक्षम होना चाहता हूं और उनकी सफलता के लिए परिस्थितियां भी बनाना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि अहम पदों पर विविधता की बड़ी कमी है। चाहे वह संसद में हो, चाहे बोर्डरूम में, या चाहे वह कोर्ट रूम में हो। हमें खुद पर गर्व है कि हम एक बहुत ही सफल बहुसांस्कृतिक देश हैं, लेकिन हमारे देश में वरिष्ठ पदों पर नेतृत्व में विविधता कहां है? यह नहीं है। ऐसे में हमें ऐसी नीतियां बनाने की ज़रूरत है जो लोगों को सुविधा प्रदान करने में मदद करें जिससे उन्हें अहम पदों के अवसर मिल सकें।

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