तेलंगाना का प्राचीन शिव मंदिर विश्व धरोहर में शामिल हुआ, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

इस मंदिर का प्रभावशाली प्रवेशद्वार, हजार विशाल खम्भे और छतों के शिलालेख आकर्षण का केंद्र हैं। काकतीय वंश के महाराज ने इस मंदिर का निर्माण 12वीं सदी में करवाया था। यह दक्षिण भारत के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक है।

तेलंगाना का प्राचीन शिव मंदिर विश्व धरोहर में शामिल हुआ, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
तेलंगाना में तेरहवीं शताब्दी के मंदिर काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा मंदिर) मंदिर को यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया है। 

तेलंगाना में तेरहवीं शताब्दी के मंदिर काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा मंदिर) (Kakatiya Rudreshwara (Ramappa) Temple) को मंदिर विश्व धरोहर में शामिल किया गया है। यूनेस्को ने ऐलान किया कि भारत के तेलंगाना में स्थित काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा) मंदिर को विश्व धरोहर स्थल के रूप में शामिल किया जा रहा है। यह शिव मंदिर एकमात्र ऐसा मंदिर है, जिसका नाम इसके शिल्पकार रामप्पा के नाम पर रखा गया। इस मंदिर के हजार विशाल खम्भे और छतों के शिलालेख आकर्षण का केंद्र हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूनेस्को द्वारा काकतीय रामप्पा मंदिर को विश्व धरोहर स्थल घोषित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने लोगों से इस अद्भुत मंदिर परिसर को देखने और इसकी भव्यता का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने का भी आग्रह किया।

काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा मंदिर) मंदिर तारे के आकार में बना है।

यूनेस्को के एक ट्वीट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “बहुत बढ़िया! सभी को, खासकर तेलंगाना के लोगों को बधाई। यह प्रतिष्ठित रामप्पा मंदिर महान काकतीय राजवंश के उत्कृष्ट शिल्प कौशल को दर्शाता है। मैं आप सभी से इस भव्य मंदिर परिसर को देखने और इसकी भव्यता का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करने का आग्रह करता हूं।”

बेहतर नक्काशी और उन्नत तकनीक से बना काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा मंदिर) मंदिर। 

काकतीय वंश के महाराज ने इस मंदिर का निर्माण 12वीं सदी में करवाया था। खास बात यह है कि इस दौर में बने ज्यादातर मंदिर खंडहर में तब्दील हो चुके हैं, लेकिन कई प्राकृतिक आपदाओं के बाद भी इस मंदिर को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा है।