जापान-भारत का नाता अपनेपन से भरा, तभी हिंदी सीखना चाहते हैं छात्र

जापानी छात्रों के बीच हिंदी एक लोकप्रिय भाषा है और इसे कक्षा 1 से 10 तक पढ़ाया जाता है। ये छात्र हिंदी, फ्रेंच, जापानी, संस्कृत, अरबी और तमिल सहित 10 से अधिक भाषाएं सीखते हैं। ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूलों के 16 अलग अलग कैंपस में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या लगभग 15,000 छात्र हैं।

जापान-भारत का नाता अपनेपन से भरा, तभी हिंदी सीखना चाहते हैं छात्र
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जापान की राजधानी टोक्यो में ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल (GIIS) के कैंपसों में जापानी छात्रों के बीच हिंदी और फ्रेंच सबसे लोकप्रिय विदेशी भाषाएं हैं। GIIS की बदौलत जापान में बसे भारतीय प्रवासियों समेत 19 अलग अलग देशों के छात्र जापान में हिंदी समेत विश्व की 10 भाषाएं सीख रहे हैं।

सिंगापुर में ग्लोबल स्कूल्स फाउंडेशन के सह-संस्थापक और अध्यक्ष अतुल टेमुर्निकर ने बताया कि जापानी छात्र अपनी संस्कृति को संरक्षित करते हुए एशियाई और पश्चिमी संस्कृतियों की भी तलाश करते हैं। टेमुर्निकर छह देशों में GIIS कैंपसों का संचालन करते हैं।

GIIS में छात्र हिंदी, फ्रेंच, जापानी, संस्कृत, अरबी और तमिल सहित 10 से अधिक भाषाएं सीखते हैं। Photo by Stephanie Hau / Unsplash

वह बताते हैं कि ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूलों के 16 अलग अलग कैंपस में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या लगभग 15,000 छात्र हैं। टेमुर्निकर एक GIIS के जापानी छात्र का अनुभव साझा कर रहे थे, जिसने इस सप्ताह की शुरुआत में जापान की दो दिवसीय यात्रा पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चकित कर दिया था। रित्सुकी कोबायाशी ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ हिंदी में बात की और उनकी ड्राइंग पर उनका ऑटोग्राफ मांगा जिसमें, हिंदी के अलावा जापानी और अंग्रेजी में विवरण था।

टेमुर्निकर ने कहा कि जापानी छात्रों के बीच हिंदी एक लोकप्रिय भाषा है और इसे कक्षा 1 से 10 तक पढ़ाया जाता है। उन्होंने जापानी छात्रों की भाषाई विविधता को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय-जापानी लोगों से जापानी लोगों के बीच संबंध लगभग एक सदी पहले के हैं। GIIS टोक्यो में 19 अलग अलग देशों के छात्र पढ़ते हैं। इनमें जापानी सबसे बड़ा समूह है। GIIS में यह छात्र हिंदी, फ्रेंच, जापानी, संस्कृत, अरबी और तमिल सहित 10 से अधिक भाषाएं सीखते हैं।

उन्होंने जानकारी दी कि यह नियमित रूप से जापानी संस्कृति के जापानी चाय समारोह जैसे कार्यक्रम आयोजित करते हुए उनमें हिंदी दिवस, हिंदी प्रतियोगिताओं, हिंदी वाद-विवाद को भी शामिल करते हैं। सिंगापुर स्थित ग्लोबल स्कूल्स फाउंडेशन द्वारा संचालित GIIS में भाषा सीखने के पाठ्यक्रम के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्र को वैश्विक स्तर का नागरिक बनने के लिए तैयार किया जाता है और छात्रों को चुनने के लिए 10 से अधिक भाषाओं के साथ व्यापक भाषा विविधता का अनुभव होता है।