होबार्ट में नस्लवादी हमला, सिख युवक की पगड़ी उतार सिर पर वार किया गया था

सागर एक छात्र के तौर पर साल 2016 में ऑस्ट्रेलिया आए थे। वह काम के चलते तस्मानिया आने से पहले चार साल सिडनी में रहे थे। उन्होंने कहा कि मुझे पहले भी सिख होने की वजह से ऐसी घटनाओं का सामना करना पड़ा है। लोग हाथ से अभद्र इशारे करते हैं और अभद्र नामों से पुकारते हैं।

होबार्ट में नस्लवादी हमला, सिख युवक की पगड़ी उतार सिर पर वार किया गया था

ऑस्ट्रेलिया के द्वीपीय राज्य तस्मानिया में एक नस्लवादी हमले की घटना सामने आई है। यहां की एक निजी कंपनी में कमर्शियल एनालिस्ट के तौर पर काम करने वाले सागर को एलिजाबेथ स्ट्रीट पर टहलते समय इस हमले का सामना करना पड़ा था।

तस्मानिया में प्रवासियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इसके साथ ही नस्लवादी हमलों की घटनाएं भी बढ़ी हैं।

यह घटना होबार्ट में 14 अप्रैल को शाम सात बजे हुई, जब  दो लोगों ने सागर के सिर पर वार कर उनकी पगड़ी उतार दी थी। सागर कहते हैं कि मुझे इतनी शर्मिंदगी कभी महसूस नहीं हुई थी। मैं उस पल को कभी भुला नहीं पा रहा हूं। सागर ने कहा, 'उस दिन बारिश हो रही थी और मेरे पास छाता था। दो लोग मेरी ओर बढ़े और उनमें से एक ने मेरा छाता फेंक दिया। जब मैंने उनसे इसका कारण पूछा तो वह मुझे मारने के लिए बढ़ा।'

सागर कहते हैं कि मैंने सोचा कि लड़ाई-झगड़े से बचना ठीक है क्योंकि कोई भी समझदार व्यक्ति यही करेगा। इसलिए मैं पीछे हट गया और जब मैं छाता उठाने के लिए बढ़ा तो उसने मेरी पगड़ी उतारने के लिए पूरी ताकत से मेरे सिर पर वार किया। मेरी पगड़ी और उसके नीचे रखी केसकी जमीन पर गिर गए थे।'

सागर एक छात्र के तौर पर साल 2016 में ऑस्ट्रेलिया आए थे। वह काम के चलते तस्मानिया आने से पहले चार साल सिडनी में रहे थे। उन्होंने कहा कि मुझे पहले भी सिख होने की वजह से ऐसी घटनाओं का सामना करना पड़ा है। लोग हाथ से अभद्र इशारे करते हैं और अभद्र नामों से पुकारते हैं।

उन्होंने कहा कि अधिकतर लोग अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं या इशारे करते हैं या मेरी त्वचा के रंग के बारे में टिप्पणी करते हैं। लेकिन इस बार तो हद हो गई। मैं पूरी तरह हैरत में था और मुझे लगा कि मेरे पास इसका सबूत होना बेहतर रहेगा। मुझे मारने के बाद जब वो लोग जाने लगे तो मैंने उनका वीडियो बनाने की कोशिश की ताकि पुलिस को दिखा सकूं। सागर कहते हैं कि इस दौरान एक शख्स चलता रहा और अपना चेहरा दिखाने से बचता रहा वहीं दूसरे ने मुझे मारने का पोज बनाया।

इस घटना को लेकर सागर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि होबार्ट में इस तरह की कई घटनाएं हो रही हैं और मुझे लगता है कि हमें लोगों को शिक्षित और जागरूक करने की जरूरत है। बता दें कि बीते कुछ वर्षों में तस्मानिया में प्रवासियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इसके साथ ही नस्लवादी हमलों की घटनाएं भी बढ़ी हैं।