साउथ अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के आरोपी गुप्ता ब्रदर्स UAE से गिरफ्तार

गुप्ता भाइयों पर साल 2009 से 2018 तक शासन करने वाले जूमा के साथ संबंधों का उपयोग करने, राज्य की संपत्ति का दुरुपयोग करने, कैबिनेट नियुक्तियों को प्रभावित करने और राज्य के धन को छीनने का आरोप है। जूमा को सत्ता से बाहर किए जाने के बाद भारतीय मूल के भाइयों ने दक्षिण अफ्रीका छोड़ दिया था।

साउथ अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के आरोपी गुप्ता ब्रदर्स UAE से गिरफ्तार

दक्षिण अफ्रीका सरकार ने पुष्टि की है कि संयुक्त अरब अमीरात ने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा के कार्यकाल में राजनीतिक भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने वाले भारतीय मूल के भाइयों राजेश गुप्ता और अतुल गुप्ता को गिरफ्तार किया है। दरअसल दोनों देशों ने अप्रैल 2021 में एक प्रत्यर्पण संधि की थी लेकिन यह तुरंत स्पष्ट नहीं था कि क्या गिरफ्तारी से भाइयों की दक्षिण अफ्रीका में वापसी होगी।

साल 2018 में जूमा को सत्ता से बाहर किए जाने के बाद भारतीय मूल के भाइयों ने दक्षिण अफ्रीका छोड़ दिया था। 

दक्षिण अफ्रीका के न्याय और सुधार सेवा मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि यूएई और दक्षिण अफ्रीका में विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बातचीत जारी है। वह यूएई के साथ सहयोग करना जारी रखेगा। गुप्ता भाइयों पर साल 2009 से 2018 तक शासन करने वाले जूमा के साथ संबंधों का उपयोग करने, अनुबंध जीतने, राज्य की संपत्ति का दुरुपयोग करने, कैबिनेट नियुक्तियों को प्रभावित करने और राज्य के धन को छीनने का आरोप है। हालांकि जूमा और गुप्ता भाइयों ने किसी भी गलत काम से इंकार किया है।

बता दें कि साल 2018 में जूमा को सत्ता से बाहर किए जाने के बाद भारतीय मूल के भाइयों ने दक्षिण अफ्रीका छोड़ दिया था। जूमा के सत्ता में रहने के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए साल 2018 में एक जांच स्थापित की गई थी। यूएई ने अप्रैल 2021 में दक्षिण अफ्रीका के साथ एक प्रत्यर्पण संधि की पुष्टि की थी जिसके बाद से दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा की सरकार को उम्मीद थी कि आरोपों का सामना करने के लिए गुप्ता भाइयों की वापसी होगी।

दक्षिण अफ्रीका की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी ने गिरफ्तारियों का स्वागत किया है। डेमोक्रेटिक एलायंस ने एक बयान में कहा कि हमें उम्मीद है कि यह वास्तव में उन लोगों की गिरफ्तारी और अभियोजन की शुरुआत है जिन्होंने देश के भीतर और विदेश में हमारे देश को वर्षों तक लूटा है और आज लाखों दक्षिण अफ्रीकी लोगों के सामने आने वाली कठिनाइयों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।